धार की ऐतिहासिक भोजशाला सोमवार को एक महत्वपूर्ण क्षण की साक्षी बनी, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां पहुंचकर मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। पद पर रहते हुए भोजशाला पहुंचने वाले वे प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए। हाल ही में हाई कोर्ट के फैसले के बाद इस दौरे को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के आगमन से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
भोजशाला में मुख्यमंत्री का विशेष पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार पहुंचकर भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर पूरे परिसर को आकर्षक फूलों से सजाया गया था। मुख्यमंत्री ने आरती कर पुष्प अर्पित किए और करीब 20 मिनट तक परिसर में रहकर विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण भी किया। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे।
हाई कोर्ट फैसले के बाद बढ़ा धार्मिक महत्व
इंदौर हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर मानने के निर्णय के बाद यह पहला बड़ा धार्मिक आयोजन माना जा रहा है। फैसले के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का माहौल और अधिक मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री का यह दौरा उसी कड़ी में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे खड़े होकर मुख्यमंत्री के स्वागत में जुटे और पूरे शहर में धार्मिक वातावरण देखने को मिला।
‘सरस्वती लोक’ से बदलेगी धार की पहचान
गंगा दशहरा कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने धार को नई सांस्कृतिक पहचान देने की दिशा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि शहर में ‘सरस्वती लोक’ विकसित किया जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई मजबूती मिलेगी। सरकार का उद्देश्य धार को शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इससे आने वाले समय में शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजा भोज शोध संस्थान की होगी स्थापना
मुख्यमंत्री ने धार में राजा भोज शोध संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की। सरकार का मानना है कि यह संस्थान शोध, शिक्षा और सांस्कृतिक अध्ययन को बढ़ावा देगा। राजा भोज की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरातत्व विभाग की मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।
ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक पर्यटन पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने भोजशाला के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह स्थान केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि प्रदेश की गौरवशाली विरासत का प्रतीक भी है। सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। भोजशाला को लेकर चल रही गतिविधियों से धार में पर्यटन, रोजगार और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।