श्योपुर के बड़ौदा में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छह जिलों के 3 लाख से अधिक किसानों को 238 करोड़ 78 लाख रुपए की फसल मुआवजा राशि ट्रांसफर की। इस मौके पर उन्होंने किसानों को राहत देने के साथ-साथ कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोलते हुए मथुरा मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया। सीएम ने कहा कि कांग्रेस राम के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन राम-कृष्ण की जय नहीं बोल सकती।
किसानों को मिली बड़ी राहत
श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार और खंडवा जिलों के 2148 गांवों के 3,05,410 प्रभावित किसानों के खाते में सीधे राहत राशि डाली गई। सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा किसान हित में काम करती है, जबकि कांग्रेस ने वर्षों तक किसानों को उनकी योग्य सहायता से वंचित रखा। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने ग्रामीण और कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए हैं, जिसका लाभ आज हर किसान को मिल रहा है।
कांग्रेस पर सीएम का सीधा हमला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले भगवान श्रीराम के जन्म पर सवाल उठाए और अब खुद को राम भक्त बताने का प्रयास कर रही है।
सीएम ने कहा—
“कांग्रेस राम वाले नहीं, ‘हे राम’ वाले हैं। उन्होंने कभी राम मंदिर के निर्माण का समर्थन नहीं किया। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर मोदी सरकार ने बनवाया है।”
“मथुरा बुला रही है…” – मथुरा मंदिर को लेकर बड़ा बयान
सीएम ने आगे कहा कि जब अयोध्या में भव्य धाम बन गया है, तो मथुरा भी पीछे क्यों रहे?
उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा—
“दम है तो आ जाओ… मथुरा बुला रही है।”
उनका कहना था कि कांग्रेस नेता न तो ‘जय श्रीराम’ बोल पाते हैं और न ‘गोपाल कृष्ण’ का जयघोष करते हैं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक खिसकता दिखाई देता है।
भाजपा बनाम कांग्रेस – किसान राजनीति का संदर्भ
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी सरकार ने किसानों के लिए न तो समान निधि दी और न कभी राहत राशि में पारदर्शिता बरती। उन्होंने कहा कि “पप्पू और पप्पू की मम्मी की सरकार” जनता ने इसीलिए हटाई और मोदी सरकार को चुना।