भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसे संवेदनशील हालात के बीच देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ हल्की भाषा का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह देश और प्रदेश में गैर-जिम्मेदाराना राजनीति कर रही है, जबकि ऐसे समय में सभी दलों को एकजुट होकर जनता में भरोसा पैदा करना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान की कड़ी आलोचना
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे संवैधानिक पद पर बैठे नेता के खिलाफ अपमानजनक या हल्की भाषा का प्रयोग करना राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी देश की लोकतांत्रिक परंपरा को कमजोर करती है और इससे जनता में गलत संदेश जाता है।
वैश्विक हालात के बीच संयम की जरूरत
सीएम यादव ने कहा कि इस समय दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। ईरान, अमेरिका और इजराइल से जुड़े घटनाक्रमों ने अंतरराष्ट्रीय माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे समय में भारत जैसे बड़े लोकतंत्र के नेताओं को जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सरकार के प्रबंधन का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट के बावजूद भारत सरकार ऊर्जा और ईंधन आपूर्ति को लेकर लगातार बेहतर प्रबंधन कर रही है। उन्होंने कहा कि तेल और गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। कठिन परिस्थितियों में भी व्यवस्था बनाए रखना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।
कांग्रेस पर लगाया साजिश का आरोप
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी लगातार राजनीतिक षडयंत्र और भ्रामक बयानबाजी के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब इन रणनीतियों को समझ चुकी है और यही वजह है कि कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से दूर होती जा रही है।
पक्ष-विपक्ष से ऊपर उठने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सभी राजनीतिक दलों को पक्ष-विपक्ष की सीमाओं से ऊपर उठकर देशहित में काम करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह जनता को डराने के बजाय एकजुट करने का काम करे। सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय चुनौतियों के समय राजनीतिक परिपक्वता और जिम्मेदारी सबसे ज्यादा जरूरी होती है।