अस्पताल पर बरसी मिसाइलें, मलबे में दबे मोजतबा... फिर ऐसे बने ईरान के सुप्रीम लीडर
लोकसत्य
सोमवार, 28 सितंबर 2026 • 7:14 pm
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Iran Crisis: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सत्ता तक पहुंचने की कहानी बेहद घटनापूर्ण बताई जा रही है। दावा है कि इजरायल और अमेरिका के हमले के दौरान जिस अस्पताल में मोजतबा भर्ती थे, वह भी बमबारी की चपेट में आ गया। अस्पताल के मलबे से उन्हें सुरक्षित निकाला गया और फिर एक गुप्त ठिकाने पर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें ईरान का सर्वोच्च नेता चुना गया।
जिस अस्पताल में भर्ती थे, वहीं हुई बमबारी
मोजतबा खामेनेई के लिए खतरा तब भी खत्म नहीं हुआ था, जब उन पर पहला हमला हुआ। इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया। इनमें वह अस्पताल भी शामिल था, जहां मोजतबा भर्ती थे। मोहसिन हैदरी के मुताबिक, बमबारी के बाद अस्पताल पूरी तरह तबाह हो गया और मोजतबा मलबे में दब गए। उन्हें दूसरी बार मलबे के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू के बाद कहां गए मोजतबा?
अस्पताल से निकालने के बाद मोजतबा को तुरंत किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद से वह सार्वजनिक तौर पर या कैमरे के सामने नजर नहीं आए हैं। इसी बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में दावा किया कि नए सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। हालांकि, मोजतबा के मौजूदा ठिकाने की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
खुद मोजतबा को नहीं थी सुप्रीम लीडर बनने की खबर
मोहसिन हैदरी के मुताबिक, 8 मार्च को जब सरकारी टीवी पर नए सर्वोच्च नेता के नाम का ऐलान हुआ, तब तक मोजतबा को भी यह जानकारी नहीं थी कि उनका नाम चुना जा रहा है। बताया गया कि जब यह सामने आया कि मोजतबा देश की जिम्मेदारी संभालने के लिए स्वस्थ हैं, तब उनका नाम आगे बढ़ाया गया। इसके बाद ‘असेम्बली ऑफ एक्सपर्ट्स’ की बैठक में उनके नाम पर मतदान हुआ।
59 वोट पड़े, मोजतबा को मिले 50
ईरान के सुप्रीम लीडर के चयन के लिए हुई बैठक में कुल 59 वोट डाले गए। इनमें 50 वोट मोजतबा खामेनेई के पक्ष में पड़े। अयातोल्ला अलिरेजा अराफी को 8 वोट मिले, जबकि एक सदस्य ने मतदान नहीं किया। बहुमत मिलने के बाद मोजतबा ने सर्वोच्च नेता का पद स्वीकार कर लिया। उनके सामने अब देश की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
कानूनी और धार्मिक दायित्व मानकर स्वीकार किया पद
नाम तय होने के बाद मोजतबा खामेनेई ने सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारी को अपना कानूनी और धार्मिक दायित्व माना। इस पूरे घटनाक्रम में पहले अस्पताल पर हुई बमबारी, फिर मलबे से उनका रेस्क्यू और उसके बाद अचानक सर्वोच्च पद पर पहुंचना सबसे अहम कड़ियों के तौर पर सामने आता है। हालांकि, उनके बारे में सामने आई कई जानकारियां संबंधित लोगों और मीडिया रिपोर्टों में किए गए दावों पर आधारित