भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सदन में प्रवेश और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन से हुई। लेकिन इससे पहले सत्र की कार्यवाही एक गंभीर और संवेदनशील वातावरण में तब्दील हो गई, जब विभिन्न दिवंगत नेताओं, सैन्य अधिकारियों और नागरिकों को श्रद्धांजलि दी गई। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद नौसेना अधिकारी, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, और अहमदाबाद एयर इंडिया हादसे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विधानसभा से पहले ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा के बाहर कांग्रेस पार्टी ने ओबीसी आरक्षण को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में कांग्रेस विधायक “गिरगिट” का कटआउट लेकर विधानसभा पहुंचे और भाजपा सरकार पर ओबीसी के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट तो चाहती है, लेकिन हक देने को तैयार नहीं। सिंघार ने यह भी कहा कि दलितों, आदिवासियों और किसानों के हक को लगातार दबाया जा रहा है और उन पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं।
श्रद्धांजलि के बाद कार्यवाही स्थगित
कार्यवाही के पहले दिन केवल दिवंगत नेताओं, अधिकारियों और आम नागरिकों को श्रद्धांजलि देने का काम किया गया। जैसे ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ, विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार 29 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। परंपराओं के अनुसार, सत्र के पहले दिन दिवंगतों को सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।
राजनीतिक मुद्दों की आहट
इस मानसून सत्र में कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखा टकराव देखने को मिल सकता है। ओबीसी आरक्षण, किसान कल्याण, आदिवासी अधिकार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सत्तापक्ष इन आरोपों का जवाब योजनाओं और रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से देने की रणनीति बना रहा है।