Monsoon session mp : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना पर तंज कसते हुए कहा – ‘जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत तिन तैसी’, और कहा कि अगर आंख में कचरा हो, तो दुनिया गंदी ही नजर आती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को हर बात में सिर्फ कमियां दिख रही हैं, जबकि सत्र में प्रदेश के विकास और जनहित पर चर्चा होनी चाहिए।
मानसून सत्र को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने सत्र की तैयारियों को लेकर स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सत्र में नियमों को लेकर समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह तो व्यक्ति की दृष्टि पर निर्भर करता है – जैसे सोच, वैसा ही उसे नजर आता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हर बात में कमी दिख रही है, जबकि सरकार जनहित में काम कर रही है।
जल गंगा अभियान की प्रदर्शनी होगी विशेष आकर्षण
28 जुलाई को शुरू हो रहे मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस अभियान के तहत राज्यभर में 84,726 खेत तालाब, 1,04,276 कूप रिचार्ज पिट और 1,283 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया। खंडवा जिला जल संरक्षण में देशभर में पहले स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की जल सुरक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
सत्र में 10 बैठकें, बजट और विधेयक होंगे प्रस्तुत
यह सत्र 12 दिनों तक चलेगा, जिसमें कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी। 2 और 3 अगस्त को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक और अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किए जाएंगे। सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं की समीक्षा और जनकल्याणकारी प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की है।