Monsoon Withdrawal 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश से विदाई की ओर बढ़ चुका है, लेकिन जाते-जाते भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू हुई मानसून की वापसी अब दिल्ली तक पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मुताबिक, 23 सितंबर को दिल्ली से मानसून की विदाई हो गई, जबकि इसकी सामान्य तारीख 25 सितंबर मानी जाती है। यानी इस बार दिल्ली से मानसून दो दिन पहले ही लौट गया। हालांकि, देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में अभी मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर देखने को मिलेगा।
राजस्थान से शुरू हुई वापसी अब दिल्ली तक पहुंची
मानसून की वापसी की शुरुआत 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से हुई थी। इसके बाद यह धीरे-धीरे राजस्थान के दूसरे हिस्सों, पंजाब और हरियाणा की ओर बढ़ा और अब दिल्ली से भी इसकी विदाई हो चुकी है। IMD के अनुसार मानसून की वापसी तय करने के लिए सिर्फ बारिश कम होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार कई दिनों तक बारिश की गतिविधि में कमी, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वातावरण में नमी घटने जैसे संकेत भी देखे जाते हैं। यही वजह है कि मानसून की वापसी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर होती है। दिल्ली में इस साल मानसून 2 जुलाई को पहुंचा था और 23 सितंबर को इसकी वापसी हो गई। राजधानी में 1 जून से 23 सितंबर के बीच 728.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 629.7 मिलीमीटर से करीब 16 फीसदी अधिक है।
दिल्ली के बाद यूपी और पहाड़ी राज्यों की बारी
दिल्ली से मानसून की विदाई के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कुछ अन्य हिस्सों में भी मौसम के शुष्क होने की प्रक्रिया तेज होगी। पंजाब और हरियाणा के बड़े हिस्सों में भी बारिश की गतिविधि कमजोर पड़ रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी सप्ताह के दौरान मानसून की वापसी आगे बढ़ सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी इलाकों में भी मौसम धीरे-धीरे बदलने लगेगा। हालांकि, मानसून की विदाई का अर्थ यह नहीं है कि इसके बाद बारिश बिल्कुल नहीं होगी। स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण विदाई के बाद भी कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक हो सकती है। IMD के नियमों के अनुसार किसी क्षेत्र से मानसून की वापसी तभी घोषित की जाती है जब बारिश में लगातार कमी और शुष्क मौसम समेत जरूरी मौसमी परिस्थितियां बनी रहें।
बिहार-झारखंड में अभी झमाझम बारिश का अलर्ट
एक तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून पीछे हट रहा है, वहीं बिहार में अभी बारिश का दौर खत्म नहीं हुआ है। IMD के 24 सितंबर के अपडेट के मुताबिक बिहार में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी है। 25 और 26 सितंबर को भी भारी बारिश और आंधी-तूफान जैसी गतिविधियों की संभावना जताई गई है। यानी बिहार में अगले दो-तीन दिन मौसम सक्रिय रहने वाला है। झारखंड और पूर्वी भारत के आसपास के इलाकों में भी बंगाल की खाड़ी से बने मौसम तंत्र का असर दिखाई दे सकता है। यही वजह है कि मानसून की वापसी शुरू होने के बावजूद पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अभी बारिश का एक और दौर देखने को मिल रहा है।
मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर जारी
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून की विदाई अभी तत्काल पूरी होने वाली नहीं है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र और उसके प्रभाव से मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। हाल के दिनों में इसी सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इसलिए MP में भले ही मानसून धीरे-धीरे वापसी की ओर बढ़े, लेकिन आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। सामान्य तौर पर पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून की वापसी पूर्वी मध्य प्रदेश से पहले होती है, जबकि पूर्वी हिस्सों में अक्टूबर की शुरुआत तक इसका असर बना रह सकता है। इस दौरान बारिश और मानसून की वास्तविक विदाई के बीच अंतर समझना जरूरी है, क्योंकि किसी इलाके से मानसून हटने के बाद भी अलग मौसम प्रणालियों के कारण बारिश हो सकती है।
आपके राज्य से कब विदा होगा मानसून?
मानसून की वापसी सबसे पहले पश्चिमी राजस्थान से शुरू होती है और इसके बाद उत्तर-पश्चिम से मध्य तथा पूर्वी भारत की तरफ आगे बढ़ती है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों से इसकी वापसी सितंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू हो चुकी है, जबकि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से सितंबर के आखिरी सप्ताह तक मानसून पीछे हटता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी सितंबर के अंत तक वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मानसून की वापसी अक्टूबर की शुरुआत में और पूर्वी मध्य प्रदेश में उसके बाद होने की संभावना रहती है। बिहार और झारखंड में आम तौर पर अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के आसपास वापसी होती है, जबकि छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी अक्टूबर तक मानसूनी प्रभाव बना रह सकता है। महाराष्ट्र समेत दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसून की वापसी अक्टूबर के दौरान आगे बढ़ती है। हालांकि, ये सामान्य या संभावित समय-सीमाएं हैं; किसी क्षेत्र से वास्तविक विदाई IMD मौजूदा मौसम परिस्थितियों के आधार पर घोषित करता है। फिलहाल तस्वीर यही है कि उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून तेजी से विदा हो रहा है, लेकिन मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।