
दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। स्पेशल सेल/ईस्टर्न रेंज की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) में जारी में चल रही कारतूस बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फाजिल (50), जमीर (57) और इलियास (65) के रूप में सामने आई है।
4 पिस्टल और 166 जिंदा कारतूस मिले
पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को गुप्त सूचना मिली थी। गुप्त सूचना मिली थी कि फाजिल नाम का सप्लायर गाजीपुर फ्लाईओवर,दिल्ली पर हथियार पहुंचाने वाला है। मौके पर जाल बिछाकर फाजिल को गिरफ्तार किया गया। उसके पास 4 पिस्टल और 166 जिंदा कारतूस मिले हैं। पूछताछ में फाजिल ने जानकारी दी कि यह सामान जमीर से लेता था। पुलिस ने कार्रवाई कर जमीर को रामपुर से पकड़ लिया। उसके पास से 20 कारतूस मिले हैं। जमीर ने खुलासा किया कि असली सप्लाई मुरादाबाद के इलियास से हुआ करती थी। पुलिस ने इस मामले में छापेमारी ने छापा मारकर इलियास को पकड़ा और उसके पास से 2 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और एक पिस्टल बरामद की।
करीब 1000 कारतूस तैयार किए जा सकते थे
इलियास की निशानदेही पर मुरादाबाद में चल रही एक गुप्त फैक्ट्री सामने आई। टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से छापामारी की। यहां से लेथ मशीन, ग्राइंडिंग मशीन, 257 खाली कारतूस, 354 बुलेट लीड्स, 350 खाली शेल, गन पाउडर और पीतल की रॉड मिली। पुलिस का कहना है कि बरामद कच्चे माल से करीब 1000 कारतूस तैयार किए जा सकते थे।
जांच में सामने आया कि इलियास बीते 20 वर्ष से इस अवैध धंधे में शामिल है। उस पर पहले भी गैंगस्टर एक्ट समेत कई केस दर्ज किए गए हैं। स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गया है। यह जानने का प्रयास हो रहा है कि अब तक दिल्ली-एनसीआर में कितनी बड़ी मात्रा में हथियार और कारतूस की सप्लाई की जाती है।