Lucknow News: राजधानी में टीबी के 23,127 मरीजों को 5 माह से पोषण भत्ते की राशि जारी नहीं की गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग बजट के अभाव में भुगतान न होने की बात कह रहा है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार की ओर से टीबी मरीजों को इलाज के दौरान हर माह 1000 रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है, ताकि वे सेहतमंद रहें और टीबी के संक्रमण से लड़ सकें।
जांच और इलाज के लिए 22 केंद्र
लखनऊ जिले में टीबी की जांच और इलाज के लिए 22 केंद्र हैं। यहां मरीज में टीबी की पुष्टि के बाद उनका रजिस्ट्रेशन निक्षय पोर्टल पर किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से 15 दिसंबर तक जिले में 23,127 टीबी मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। ये मरीज 5 महीने से पोषण भत्ते की राशि के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वहां भी उन्हें सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा
है।
5 महीने से एक रुपये भी खाते में नहीं पहुंचा
ठाकुरगंज के रहने वाले एक रिक्शा चालक को 6 माह पहले टीबी की पुष्टि हुई। टीबी हॉस्पिटल के डाट्स केंद्र से दवा दी गई। पोषण की राशि बैंक खाते में भेजने की बात कही गई। 5 महीने से एक रुपये भी खाते में नहीं पहुंचा। टीबी की बीमारी के कारण वजन लगातार गिरता जा रहा है। कमजोरी की वजह से उनके लिए रिक्शा चला पाना भी मुश्किल है। पत्नी घरों में झाड़ू-पोंछा करके कुछ रुपये कमा लेती हैं। पोषण राशि हर माह खाते में आती रहती तो, शरीर मजबूत रहता। तब शायद वो रिक्शा भी चला पाते।
टीबी का इलाज 6 से 9 माह तक चलता
केजीएमयू टीबी और चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत ने बताया कि टीबी का बैक्टीरिया करीब 40 फीसदी आबादी में होता है। ये बैक्टीरिया तभी प्रभावी होता है, जब व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इसी को देखते हुए सरकार ने टीबी मरीजों को पोषणयुक्त खुराक देने का फैसला किया है। टीबी का इलाज 6 से 9 माह तक चलता है। इस दौरान मरीजों को रेगुलर दवाएं लेनी होती हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार जरूरी होता है। पोषण राशि जारी न होने से आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों के सामने खानपान का संकट आ जाता है।
पोषण राशि का भुगतान स्पर्श पोर्टल के जरिए
वहीं सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा, पोषण राशि भुगतान के लिए अभी तक बजट जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा इस राशि को भेजने की व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है। इसके लिए केंद्र सरकार की सिंगल नोडल एजेंसी सर्जरी को निक्षय पोर्टल से जोड़ा जाना है। ये काम अभी तक पूरा नहीं हुआ। अब पोषण राशि का भुगतान स्पर्श पोर्टल के जरिए ही होगा।