मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद घबराए कई यात्रियों ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। इसी दौरान दूसरी पटरी पर तेज रफ्तार से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से छह से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया।
आग की अफवाह से मची भगदड़
जानकारी के अनुसार, शाम करीब चार बजे उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस मुरैना से धौलपुर की ओर रवाना हुई थी। ट्रेन जब हेतमपुर स्टेशन के समीप पहुंची, तभी किसी ने ट्रेन में आग लगने की बात कह दी। कुछ ही देर में यह खबर पूरे कोच में फैल गई और यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।
जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूदे यात्री
अचानक फैली अफवाह के बाद कई यात्री घबरा गए और बिना स्थिति की पुष्टि किए चलती ट्रेन से नीचे उतरने लगे। कुछ यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए सीधे पटरी पर छलांग लगा दी। इस दौरान किसी को अंदाजा नहीं था कि दूसरी लाइन पर एक और ट्रेन गुजरने वाली है।
पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आए कई लोग
उसी समय धौलपुर की ओर से मुरैना की तरफ आ रही पातालकोट एक्सप्रेस मुख्य ट्रैक से गुजर रही थी। पटरी पर उतरे कई यात्री उसकी चपेट में आ गए। हादसे में छह से अधिक लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, शुरू हुआ राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रेन में आग लगने की अफवाह कैसे फैली और इतनी बड़ी दुर्घटना की वजह कैसे बनी।
हादसे ने खड़े किए कई सवाल
यह घटना एक बार फिर आपात स्थिति में अफवाहों के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और घायलों की सहायता के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।