Moringa Gardening Tips : मोरिंगा यानी सहजन का पौधा घर के बगीचे या उपलब्ध जगह के अनुसार उगाया जा सकता है. इसकी पत्तियों का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है. अगर आपके पास थोड़ी-सी जगह है, तो बाजार से मोरिंगा की पत्तियां खरीदने के बजाय इसे घर पर उगाने का विकल्प आजमा सकते हैं.
सही जगह का चुनाव जरूरी
मोरिंगा के पौधे को अच्छी धूप पसंद होती है। इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां दिन में पर्याप्त सीधी धूप पहुंच सके. अगर आपके पास बड़ा गमला है तो उसमें पौधे को बढ़ने के लिए ज्यादा जगह मिल सकती है। गमले में पानी निकलने के लिए नीचे छेद जरूर होने चाहिए.
बीज से तैयार करें पौधा
मोरिंगा उगाने के लिए अच्छे और स्वस्थ बीज लें। गमले में उपजाऊ और भुरभुरी मिट्टी भरें. मिट्टी में हल्का गड्ढा करके बीज डालें और ऊपर से मिट्टी की पतली परत डाल दें. इसके बाद हल्का पानी दें. मिट्टी को बहुत ज्यादा गीला रखने से बचें.
पौधे की देखभाल कैसे करें
बीज से पौधा निकलने के बाद उसे पर्याप्त रोशनी और हवा मिलना जरूरी है. मिट्टी की ऊपरी परत सूखी महसूस होने पर ही पानी दें. पौधे के आसपास खरपतवार दिखाई दे तो उसे हटा दें. समय-समय पर जैविक खाद देने से पौधे को बढ़ने में मदद मिल सकती है.
जरूरत से ज्यादा पानी न दें
मोरिंगा के पौधे की देखभाल में सबसे जरूरी बात पानी का संतुलन है. गमले में पानी जमा रहने पर जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए पानी देने से पहले मिट्टी की नमी जांच लेना बेहतर रहता है. बारिश के मौसम में अतिरिक्त पानी से विशेष सावधानी रखें.
घर की ताजी हरियाली का फायदा
जब पौधा अच्छी तरह विकसित हो जाए तो उसकी पत्तियों का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार किया जा सकता है. घर में उगाया गया मोरिंगा आपको बागवानी का अनुभव देने के साथ आसपास हरियाली भी बढ़ा सकता है. हालांकि, पौधे की सही बढ़त के लिए मौसम, मिट्टी और देखभाल का ध्यान रखना जरूरी है.