
इजरायल में हमास हमले में मारे गए नेपाली छात्र बिपिन जोशी का पार्थिव शरीर सोमवार को काठमांडू पहुंचा। जोशी को एक वर्ष तक बंधक बनाए रखने के बाद मारे जाने की बात सामने आई थी। बिपिन जोशी कंचनपुर जिले की भीमदत्त नगरपालिका में रहा करते थे। वे लर्न एंड अर्न कार्यक्रम के तहत उच्च शिक्षा और कृषि प्रशिक्षण को लेकर इजरायल में गए थे। सात अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकियों ने गाजा पर हमला किया था। उन्होंने गाजा के पास स्थित एक कीबुत्ज क्षेत्र पर अटैक किया था। यहां पर नेपाली छात्रों सहित कई विदेशी नागरिक काम किया करते थे। उस वक्त बिपिन जोशी को भी आतंकियों के अगवा कर लिया था।
कई माह तक जोशी के ठिकानों का पता नहीं चला
हमले के बाद से कई माह तक जोशी के ठिकानों का पता नहीं चल पाया। इस बीच नेपाल सरकार ने लगातार इजरायल और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क को बनाकर रखा। इस दौरान उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं को सकी। इसके बाद 10 अक्टूबर 2023 को इजराइली अफसरों ने नेपाल सरकार को आधिकारिक रूप से इस बारे में सूचित किया। बताया गया कि बिपिन जोशी हमले में मारे गए थे।
पार्थिव शरीर को नेपाल रवाना किया
इजरायली मीडिया की रिपोर्ट की माने तो इस साल की शुरुआत में इजरायल और हमास के बीच संघर्षविराम और कैदी विनिमय समझौते के दौरान हमास ने बिपिन जोशी का शव इजरायली सेना को सौंप दिया। पहचान की पुष्ट होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को नेपाल रवाना किया गया।