साल 2025 में सबसे ज्यादा बार जीरो पर आउट होने का अनचाहा रिकॉर्ड पाकिस्तान के सैम अय्यूब के नाम रहा। बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज से टीम को बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन उनका साल बेहद निराशाजनक रहा। तीनों फॉर्मेट मिलाकर सैम अय्यूब ने 37 पारियां खेलीं और 8 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। पूरे साल उन्होंने सिर्फ 817 रन बनाए और उनका औसत 22.6 का रहा। बार बार जीरो पर आउट होना उनके आत्मविश्वास और टीम दोनों के लिए चिंता का कारण बन गया। 2025 सैम अय्यूब के लिए सीख से भरा लेकिन मुश्किल साल साबित हुआ।
रॉस्टन चेज़ की लगातार चूक
इस सूची में दूसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर रॉस्टन चेज़ रहे। चेज़ ने साल 2025 में 44 पारियां खेलीं लेकिन 7 बार जीरो पर आउट हो गए। उन्होंने 802 रन बनाए लेकिन उनका औसत सिर्फ 20.05 रहा। एक ऑलराउंडर से टीम को स्थिरता की उम्मीद होती है लेकिन बार बार खाता न खोल पाना उनकी बड़ी कमजोरी बन गया। वेस्टइंडीज के लिए यह आंकड़ा भी चिंता बढ़ाने वाला रहा क्योंकि मिडिल ऑर्डर में उनसे बेहतर योगदान की उम्मीद थी।
गेंदबाज भी नहीं बच पाए
तीसरे नंबर पर पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी रहे। उन्होंने 23 पारियों में 6 बार जीरो झेला और पूरे साल सिर्फ 168 रन बनाए। उनका औसत 11.2 का रहा। चौथे नंबर पर वेस्टइंडीज के जेडन सील्स रहे जिन्होंने भी 24 पारियों में 6 बार बिना खाता खोले आउट हुए। सील्स ने 167 रन बनाए और उनका औसत 11.13 रहा। गेंदबाजों का इस सूची में होना यह दिखाता है कि निचले क्रम की बल्लेबाजी कई टीमों के लिए कमजोर कड़ी बनी रही।
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रदरफोर्ड और बुमराह का नाम
पांचवें स्थान पर वेस्टइंडीज के शेरफाने रदरफोर्ड रहे जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। 2025 में उन्होंने 25 पारियां खेलीं और 6 बार जीरो पर आउट हुए। पूरे साल वह सिर्फ 406 रन बना सके और उनका औसत 16.2 रहा। भारतीय खिलाड़ियों में जसप्रीत बुमराह भी इस सूची में शामिल रहे जिन्होंने 13 पारियों में 5 बार जीरो झेला। साफ है कि 2025 में जहां कई बल्लेबाजों ने रनों की बरसात की वहीं कुछ खिलाड़ी शून्य के रिकॉर्ड के साथ याद किए गए।