मध्य प्रदेश तकनीकी, शिक्षा और उद्योगों के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन राज्य में एक ऐसा जिला भी है जहां विकास की रफ्तार अभी बेहद धीमी है। यह जिला न सिर्फ एमपी का सबसे गरीब इलाका माना जाता है, बल्कि देशभर में सबसे कम साक्षरता वाले जिले के रूप में भी पहचाना जाता है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की कमी आज भी गंभीर चुनौती बनी हुई है। आइए जानते हैं अलीराजपुर जिले की वास्तविक स्थिति।
क्यों है अलीराजपुर सबसे कम पढ़ा-लिखा जिला?
देश में जब कम साक्षरता वाले जिलों की बात होती है, तो अक्सर बिहार का नाम सामने आता है, लेकिन सच्चाई यह है कि भारत का सबसे कम पढ़ा-लिखा जिला मध्य प्रदेश का अलीराजपुर है। यह जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां आज भी शिक्षा लोगों की पहुंच से बहुत दूर है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां साक्षरता दर केवल 36.10% दर्ज की गई थी, जो राष्ट्रीय औसत 74% से बेहद नीचे है।
पुरुष और महिला साक्षरता—गहरी खाई
अलीराजपुर में पुरुषों की साक्षरता दर लगभग 51.92% है, लेकिन महिलाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां महिलाओं की साक्षरता दर सिर्फ 20.29% मानी जाती है। शिक्षा की कमी के कारण कम उम्र में विवाह, रोजगार के सीमित अवसर और सामाजिक पिछड़ापन लगातार बाधा बनते हैं।
गरीबी में जकड़ा पूरा जिला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अलीराजपुर के लगभग 71% लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। यहां खेती प्रमुख साधन है, लेकिन कृषि आधुनिक तकनीक के बिना पारंपरिक तरीके से होती है। रोजगार न होने पर लोग मजदूरी के लिए शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी
अलीराजपुर में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षण जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी भी कमजोर हैं। स्कूल हैं, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी है। कई सरकारी योजनाएं यहां जमीनी स्तर तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहीं। घने जंगल और दुर्गम क्षेत्र विकास में बड़ी बाधा माने जाते हैं।
कितना है अलीराजपुर का क्षेत्रफल?
अलीराजपुर जिला 17 मई 2008 को झाबुआ से अलग कर बनाया गया था। यह गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ आदिवासी इलाका है। जिले में कुल 5 तहसीलें—अलीराजपुर, जोबट, सोंडवा, कट्ठीवाड़ा और चंद्रशेखर आजाद नगर—शामिल हैं।
यहां 288 ग्राम पंचायतें और 552 गांव हैं।
अलीराजपुर का कुल क्षेत्रफल 3182 वर्ग किलोमीटर है।
भविष्य की राह
अलीराजपुर में विकास की संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों में बड़े सुधार की आवश्यकता है। सरकार और प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में तेज विकास कार्यों की जरूरत बनी हुई है।