बुलंदशहर में थाना खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के पंजावियांन मोहल्ले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, एक कलयुगी मां अपने ही नवजात शिशु को कचरे के ढेर में फेंककर फरार हो गई। वही स्थानीय निवासी एक दंपति ने बच्चे को पालने का निर्णय लिया है। जिसकी सब तरफ तारीफ हो रही है।
शुक्रवार को इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना खुर्जा से सामने आई है। यहां एक बेरहम कलयुगी माँ ने अपने नवजात शिशु को कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गई। सुबह जब लोगो ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो हड़कंप मच गया। बच्चा थोड़ी देर बाद ही रोते रोते चुप हो गया। लेकिन जब ईश्वर को किसी को जीवन देना होता है तो कोई सामने नही टिकता है। लेकिन किस्मत से मासूम की किलकारी ने उसके जीवन की डोर बचा ली। घटना खुर्जा के पॉटरी सेंटर एरिया की है, जहां सुबह तड़के पानी की टंकी के पास कूड़े के ढेर से अचानक बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे एक दंपति रुक गए।
बारादरी निवासी गब्बर और उनकी पत्नी साबरा मजदूरी करने के लिए पॉटरी में जा रहे थे, तभी उन्हें कूड़े के ढेर में एक नवजात शिशु दिखाई दिया। दंपति ने तुरंत बच्चे को उठाया और उसे स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद नवजात को पूरी तरह स्वस्थ बताया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत स्थिर है और समय पर अस्पताल लाए जाने से उसकी जान बच गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है।
फिलहाल पुलिस नवजात को कचरे में छोड़ने वाली महिला की तलाश कर रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष है और लोग ऐसी अमानवीय हरकत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मानवता को झकझोर देने वाली यह घटना एक बार फिर समाज से सवाल पूछ रही है कि आखिर क्यों मासूमों को इस तरह बेसहारा छोड़ दिया जाता है। वही साबरा का कहना है कि अब चाहे कोई बजी इस बच्चे को मुझसे मांगेगा तो भी वह नही देगी। वह खुद इस बच्चे को पालेगी।