आखिर पति का संदेह सही निकला। प्रेमी की खातिर पत्नी ने सात माह दूध पीते बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी और बीमारी के कारण बेटे की मौत बताकर परिजनों ने शव को दफना दिया था। कई घंटों की पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया और पुलिस ने शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि महिला ने गृह कलह के चलते मासूम बेटे की हत्या की है।
15 दिनों से विवाद चल रहा था
मुंडाली थाना क्षेत्र के मुरलीपुर गांव निवासी अनिल तोमर ने पुलिस को सोमवार को एक तहरीर दी थी, जिसमें बताया था कि वह नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करते है। उनकी पत्नी मीनाक्षी मुरादाबाद जिले की रहने वाली है। पति का आरोप था कि मीनाक्षी के दिल्ली के समसपुर बदली निवासी मोहित नामक युवक से अवैध संबंध हैं। इस बात को लेकर दोनों में पिछले 15 दिनों से विवाद चल रहा था। वह नौकरी के सिलसिले में नोएडा में थे। 30 मई को उन्हें सात माह के बेटे की अचानक मौत की सूचना मिली। गांव पहुंचने पर उन्होंने अचानक हुई बेटे की मौत के बारे में पत्नी से जानकारी की। अनिल का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पत्नी का व्यवहार संदिग्ध लगा।
सात माह के मासूम बेटे की हत्या की
अनिल के मुताबिक पूछताछ के दौरान पत्नी मीनाक्षी ने धमकी देते हुए कहा था, नीले ड्रम वाला मामला मत भूलना, जैसा मुस्कान ने अपने पति सौरभ के साथ किया था, वैसा ही तेरे साथ भी हो सकता है। पत्नी की इन बातों से अनिल का शक मजबूत हुआ था। अनिल की तहरीर पर पुलिस ने रात में ही मुकदमा दर्ज मीनाक्षी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया, मीनाक्षी से महिला पुलिसकर्मियों ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपिता का कहना था कि पति और ससुराल वालों की सहानूभूति पाने और गृह कलह के चलते उसने सात माह के मासूम बेटे की हत्या की है। मीनाक्षी के कबूलनामे के बाद पुलिस ने मासूम बच्चे के शव को कब्र से निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मीनीक्षी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल. अनिल का कहना है कि पत्नी ने बेटे की गला दबाकर हत्या की है, जबकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत का कारण स्पष्ट होगा। बेटे की हत्या की पुष्टि के बाद से अनिल और उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।