मनौरी में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। धमाके इतने तेज थे कि फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई और आसपास के छह मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में आठ बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए। प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भी घायलों का इलाज चल रहा है।
बच्ची को जिंदा बाहर निकाला
राहत और बचाव दल मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटा रहा। इसी दौरान एक बच्ची को जिंदा बाहर निकाला गया। हादसे के सदमे से वह इतनी सहमी थी कि बोल नहीं पा रही थी। घटनास्थल पर अपनों को खोजते परिजनों का कलेजा चीर देने वाला मंजर रहा। कोई मलबे में अपने बेटे को तलाश रहा था तो कोई घर के दूसरे सदस्यों की जानकारी के लिए भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले धुआं उठा और फिर लगातार धमाकों से पूरा इलाका दहल गया।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री का लाइसेंस वर्ष 2024 में ही रद्द हो चुका था। पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद को एक सितंबर की सुबह मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। उसके पटाखा गोदाम को भी प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। फैक्ट्री मालिक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत-बचाव और घायलों के उपचार के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता घोषित की गई है।