क्या गर्भस्थ शिशु सीख सकता है? महाभारत का अभिमन्यु इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। अब इसी अवधारणा को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रूप से धरातल पर उतारा जा रहा है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में। यहां प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज और गायत्री शक्तिपीठ ने मिलकर ‘डिवाइन गर्भ’ नामक अनोखे अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य है कि मां की कोख को संस्कारों की पाठशाला बनाया जाए, ताकि भावी पीढ़ी शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक, आध्यात्मिक और नैतिक रूप से भी समृद्ध हो। गर्भवती माताओं को योग, ध्यान, सात्विक जीवनशैली और वैदिक संस्कारों से जोड़ा जा रहा है। आधुनिक विज्ञान की मान्यताओं के साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को जोड़ते हुए यह प्रयोग गर्भस्थ शिशु के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
'Divine Garbh' के जरिए अभिमन्यु जैसे संस्कारवान बालक तैयार करने की कोशिश
भोपाल स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज सेंटर पर पिछले दो वर्षों में 200 से अधिक गर्भवती महिलाओं को 'डिवाइन गर्भ' कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उन्हें राजयोग ध्यान, सात्विक आहार और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली अपनाने का मार्गदर्शन दिया गया। उद्देश्य यह है कि गर्भ में पल रहा शिशु, मां के माध्यम से सदाचार और अध्यात्म का पाठ पढ़े, ठीक वैसे ही जैसे अभिमन्यु ने अर्जुन की बात सुनकर चक्रव्यूह भेदन की कला सीखी थी।
गायत्री शक्तिपीठ चला रहा है 'आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी' अभियान
गायत्री शक्तिपीठ द्वारा 'संस्कारवान पीढ़ी' निर्माण के लिए पुंसवन संस्कार को पुनर्जीवित किया जा रहा है। महिला पुरोहितों द्वारा अब तक एक हजार से ज्यादा महिलाओं का पुंसवन संस्कार किया जा चुका है। प्रतिदिन शक्तिपीठ में वैदिक रीति से संस्कार कराए जाते हैं और गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों व शिविरों के माध्यम से भी जोड़ा जा रहा है।
विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय है यह पहल
चिकित्सकों का भी मानना है कि गर्भस्थ शिशु मां के हर अनुभव को महसूस करता है। दोनों संस्थाएं इस बात पर जोर दे रही हैं कि सकारात्मक सोच, शांत मन और आध्यात्मिक अभ्यास से मां के गर्भ में पल रहा जीवन और भी मजबूत और संवेदनशील बनता है। यह पहल आधुनिक विज्ञान और भारतीय परंपरा का आदर्श संगम कही जा सकती है।
संस्कारों से समृद्ध होगा भविष्य
यह अभियान न केवल गर्भवती महिलाओं को सशक्त बना रहा है, बल्कि देश को संस्कारवान, आत्मचिंतनशील और नैतिक रूप से मजबूत पीढ़ी देने का भी प्रयास है। ‘डिवाइन गर्भ’ एक ऐसी क्रांतिकारी सोच है, जो भविष्य के निर्माण की नींव को गर्भ से ही मजबूत कर रही है।