मध्य प्रदेश सरकार ने गोवंश की नस्ल सुधारने और दूध उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि लाने के लिए नई तकनीक को अपनाकर एक बड़ा कदम उठाया है। अब बछड़े की बजाय बछिया पैदा करने की व्यवस्था की जा रही है। इस प्रक्रिया में विशेष तकनीक ‘सेक्स सॉर्टेड सीमन’ का उपयोग किया जाएगा, जिससे केवल मादा यानी बछिया का जन्म सुनिश्चित किया जाएगा। जानिए कैसे इस पहल से राज्य के पशुपालकों की दशा में सुधार और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक क्या है?
सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक का उद्देश्य केवल मादा जनसंख्या (बछिया) का उत्पादन करना है। इस प्रक्रिया में मेल पशु के सीमन से Y क्रोमोसोम हटा दिए जाते हैं, जिससे केवल X क्रोमोसोम बचता है। X क्रोमोसोम से मादा (बछिया) जनसंख्या का जन्म होता है। सरकार द्वारा विकसित इस तकनीक के तहत केवल X क्रोमोसोम युक्त सीमन को गाय के सर्विक्स में इम्प्लांट किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप, प्राकृतिक तरीके से होने वाले यथार्थ असंतुलन की समस्या से निजात मिलती है और किसानों को मादा पशु प्राप्ति में विशेष सुविधा मिलती है।
एमपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना
मध्य प्रदेश सरकार ने 2030 तक 25 लाख सेक्स सॉर्टेड सीमन का उत्पादन करने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल भोपाल स्थित सेंट्रल सीमन स्टेशन में लगभग 2 लाख सेक्स सॉर्टेड सीमन तैयार किए जा चुके हैं। यह पहल तीन साल पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई थी, जिस पर अब तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस तकनीक से दूध उत्पादन में वृद्धि होगी और पशुपालकों को मादा पशु प्राप्त करने में सुविधा होगी।
पशुपालकों के लिए डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना
पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। इसके तहत राज्य के पशुपालकों को 42 लाख रुपये का ब्याजमुक्त लोन उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना विशेष रूप से एमपी के पशुपालकों के लिए है। योजना की शर्तें यह हैं कि पशुपालकों को कम से कम 25 दुधारू पशुओं की यूनिट स्थापित करनी होगी और इसे सात साल तक संचालित रखना अनिवार्य होगा। यदि यह शर्त पूरी नहीं की गई तो सरकार द्वारा जारी की गई राशि वापस ली जाएगी।
किसानों और राज्य के लिए बड़े फायदे
इस अभिनव पहल से मध्य प्रदेश के पशुपालक लाभान्वित होंगे। मादा पशु की संख्या बढ़ने से दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही, यह कदम गोवंश की नस्ल सुधारने में भी मदद करेगा। राज्य सरकार का फोकस किसानों के विकास, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पशुपालन क्षेत्र में नई तकनीकों का समावेश है। इस प्रकार मध्य प्रदेश की यह पहल न केवल राज्य के पशुपालकों के लिए बल्कि पूरे देश में एक मिसाल बनेगी।