मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। इस बार विधायकों ने रिकॉर्ड संख्या में सवाल दायर कर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। हजारों प्रश्न, सैकड़ों ध्यानाकर्षण सूचनाएं और संभावित 4.85 लाख करोड़ रुपये के बजट के बीच यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। पक्ष-विपक्ष दोनों की रणनीति स्पष्ट है—जनहित के मुद्दों पर तीखी बहस तय है।
3478 सवालों से घिरेगी सरकार
आगामी बजट सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्न विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2253 प्रश्न ऑनलाइन और 1225 ऑफलाइन जमा किए गए हैं। प्रश्नों में 1750 तारांकित और 1728 अतारांकित शामिल हैं। इसके अलावा 192 ध्यानाकर्षण सूचनाएं और विपक्ष की ओर से आठ स्थगन प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। स्पष्ट है कि सत्र के दौरान विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और योजनाओं पर गंभीर चर्चा होगी।
राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत
सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का खाका पेश किया जाएगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। यह बजट प्रदेश की आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज माना जा रहा है, जिस पर सत्ता और विपक्ष के बीच व्यापक बहस होने की संभावना है।
4.85 लाख करोड़ का संभावित बजट
जानकारी के अनुसार, इस बार राज्य सरकार करीब 4.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश कर सकती है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे। सरकार का फोकस राजस्व बढ़ाने, आधारभूत संरचना, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर रहने की संभावना है। विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए नए प्रावधान भी शामिल किए जा सकते हैं।
नई व्यवस्था: सालभर का पार्किंग पास
इस बार विधानसभा में एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब विधायकों को हर सत्र के लिए अलग-अलग वाहन पास बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें पूरे वर्ष के लिए एकमुश्त पार्किंग पास जारी किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना और समय की बचत सुनिश्चित करना है।
सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू
सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। मंत्रियों के अंगरक्षकों को भवन के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक विधायक के साथ केवल एक निजी सहायक और एक वाहन चालक को ही परिसर में आने की अनुमति रहेगी। दर्शक दीर्घा में भी सीमित प्रवेश रहेगा और बिना वैध पास के किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। सचिवालय के अनुसार, इन कदमों का मकसद सुव्यवस्थित संचालन और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।