MP assembly tablet training: मध्य प्रदेश विधानसभा अब पूरी तरह से डिजिटल होने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। 'वन नेशन वन प्लेटफॉर्म' योजना के तहत आगामी शीतकालीन सत्र से प्रदेश की विधानसभा में ई-विधान व्यवस्था लागू की जाएगी। इस तकनीकी पहल का उद्देश्य सदन की कार्यवाही को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना और पारंपरिक कागजी कार्यप्रणाली को कम करना है। वर्तमान में 90 विधायक टैबलेट आधारित कार्य प्रणाली से जुड़ चुके हैं, लेकिन अब सभी 230 विधायकों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में बड़ा कदम
ई-विधान व्यवस्था के तहत विधानसभा की कार्यवाही अब टैबलेट और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी। इसमें विधायकों को प्रश्न पूछने, दस्तावेज़ पढ़ने और बहस के दौरान संदर्भ सामग्री तक त्वरित पहुंच मिलेगी। इससे कागज की खपत कम होगी और कामकाज अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगा।
दिल्ली से आएंगे विशेषज्ञ, देंगे डिजिटल ट्रेनिंग
इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञ ट्रेनर्स की टीम भोपाल आएगी, जो विधायकों और स्टाफ को ई-विधान प्रणाली की विस्तृत ट्रेनिंग देगी। यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से आयोजित होगा, जिससे हर विधायक डिजिटल माध्यम से प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अन्य दस्तावेज ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेगा।
पहले ही हो चुकी है डिजिटल पहल की शुरुआत
फिलहाल विधानसभा में 90 विधायक टैबलेट का उपयोग कर रहे हैं। इनकी मदद से पिछले सत्रों में ऑनलाइन प्रश्नों की संख्या में तेजी आई है। आने वाले शीतकालीन सत्र के लिए अब तक 3000 प्रश्न विधायकों द्वारा जमा किए जा चुके हैं, जिनमें से 2000 ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए हैं। यह ट्रेंड भविष्य में पेपरलेस विधानसभा की दिशा में बड़ा संकेत है।
पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शिता दोनों को बढ़ावा
ई-विधान न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगा बल्कि कागज के उपयोग में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा। साथ ही, दस्तावेजों की ट्रैकिंग, डिजिटल रिकॉर्ड और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।