मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन में नया संसदीय रिकॉर्ड बना। राज्य सरकार ने एक साथ 14 विधेयक पेश किए, जो विधानसभा के इतिहास में पहली बार हुआ है। इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक समेत कई अहम प्रस्ताव शामिल हैं। विधेयकों की प्रस्तुति को लेकर विपक्ष ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने इसे नियमों के अनुरूप बताया। अब मंगलवार को 8 महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।
पहले ही दिन बना विधानसभा का नया रिकॉर्ड
भोपाल में शुरू हुए मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने एक साथ 14 विधेयक सदन के पटल पर रखकर नया रिकॉर्ड कायम किया। विधानसभा के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विधेयक एक ही दिन पेश किए गए। इनमें मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक तथा राजमार्ग (संशोधन) विधेयक जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इनमें से आठ विधेयकों पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा होगी।
पूरक कार्यसूची को लेकर विपक्ष का विरोध
विधेयकों की प्रस्तुति के तरीके को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बाला बच्चन और सचिन यादव ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयकों को मुख्य कार्यसूची के बजाय पूरक कार्यसूची के माध्यम से सदन में लाया गया। उनका तर्क था कि विधायकों को प्रस्तावों का अध्ययन करने और अपनी तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला, जिससे प्रभावी चर्चा प्रभावित हो सकती है।
अध्यक्ष ने प्रक्रिया को बताया नियमसम्मत
विपक्ष की आपत्तियों पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि पूरक कार्यसूची जारी करने का निर्णय कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सभी पक्षों की सहमति से लिया गया था। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पहले भी पूरक कार्यसूची के माध्यम से विधेयक सदन में लाए जाते रहे हैं। इसलिए इस प्रक्रिया को असामान्य नहीं माना जा सकता।
यूसीसी विधेयक में संशोधन की उठी मांग
समान नागरिक संहिता विधेयक को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संशोधन का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने विधानसभा सचिवालय को भेजे पत्र में कहा कि जिन समुदायों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और अनुच्छेद 29 के तहत संरक्षित हैं, उन्हें विधेयक में स्पष्ट सुरक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि संबंधित प्रावधानों को विधेयक में शामिल कर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को सुनिश्चित किया जाए।
आज सदन में हो सकती है तीखी बहस
मंगलवार को विधानसभा में यूसीसी सहित आठ महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और बहस प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच इन प्रस्तावों को लेकर विस्तृत विमर्श होने की संभावना है। विशेष रूप से यूसीसी विधेयक पर विभिन्न पक्षों की राय और संशोधन संबंधी सुझाव सदन की कार्यवाही का प्रमुख केंद्र रह सकते हैं।