मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत राजनीतिक गर्माहट के बीच हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार को घेरने की कोशिश की। दूसरी ओर सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सत्र में पेश करने की तैयारी कर ली है। ऐसे में आगामी दिनों में सदन के भीतर कई अहम विषयों पर तीखी चर्चा होने के संकेत हैं।
किसानों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में विपक्ष ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस विधायकों ने खाद, बीज, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), कर्ज राहत और कृषि व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ विधायक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर पहुंचे। गांधी प्रतिमा के सामने बैठकर नारेबाजी की गई और सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया।
सरकार ने UCC समेत महत्वपूर्ण विधेयकों को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक महत्व का है। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता (UCC) सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन के समक्ष रखे जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी कहा कि UCC समय की आवश्यकता है और इसे लागू करने की दिशा में सरकार गंभीरता से आगे बढ़ रही है। मंत्री कृष्णा गौर ने भी इस पहल को आवश्यक बताते हुए सरकार के निर्णय का समर्थन किया।
विपक्ष ने सरकार पर किसानों के मुद्दे से बचने का लगाया आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्रदेश के कई किसान खाद की उपलब्धता, सोयाबीन और अन्य फसलों की खरीद तथा MSP जैसे मुद्दों से परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने इन विषयों पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की है, लेकिन सरकार इससे बचने का प्रयास कर रही है। वहीं कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरिया ने कहा कि UCC पर विस्तृत चर्चा जरूरी है और उनकी पार्टी इस विधेयक पर अपना पक्ष सदन में रखेगी।
कृषि मंत्री का जवाब, टोकन व्यवस्था का किया बचाव
नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन किसानों को टोकन जारी किए गए हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद मिलेगी। सरकार का कहना है कि वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई गई है और किसानों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।
डिजिटल सत्र और कई नए विधेयकों पर होगी चर्चा
इस बार विधानसभा का मानसून सत्र पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था के साथ संचालित किया जा रहा है। सरकार पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश-2026 और उपकर (संशोधन) अध्यादेश-2026 सहित दो अध्यादेश सदन में प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, याचिकाएं और अन्य विधायी कार्य भी सूची में शामिल हैं। 24 जुलाई तक चलने वाले इस पांच दिवसीय सत्र में सरकार कुल नौ विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें UCC विधेयक, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़ा प्रस्ताव, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक तथा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। वहीं विपक्ष बेरोजगारी, पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।