मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार सत्र केवल पाँच दिनों का होगा, जिसमें सरकार अनुपूरक बजट पेश कर सकती है और कई महत्त्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। विभागों और विधानसभा सचिवालय ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं, जबकि विधायकों के सवाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अन्य विधायी कार्य भी एजेंडे में शामिल रहेंगे।
सत्र की अवधि और बैठकें
शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान कुल 5 बैठकें निर्धारित की गई हैं। इसे एक छोटा सत्र माना जा रहा है, लेकिन इसमें कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। सरकार की ओर से नए कानूनों से जुड़े विधेयक पेश किए जा सकते हैं, जिनकी प्रारंभिक तैयारियाँ संबंधित विभागों ने शुरू कर दी हैं।
विधायी कार्य और सवाल-जवाब की तैयारी
अधिसूचना जारी होते ही विधायकों के सवाल प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सवाल दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और अन्य संसदीय प्रक्रियाओं की समयसीमा भी तय की जाएगी। सत्र के दौरान सदन में प्रश्नोत्तर, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण और अल्पकालिक प्रस्ताव मुख्य आकर्षण रहेंगे।
अनुपूरक बजट आने की संभावना
माना जा रहा है कि सरकार इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश कर सकती है। इसके अतिरिक्त कई ऐसे प्रस्ताव और विधेयक भी लाए जा सकते हैं, जिन्हें वर्ष अंत से पहले पारित कराना सरकार के लिए आवश्यक माना जा रहा है।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद बुलाया गया सत्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बीच चर्चा के बाद सत्र बुलाने का प्रस्ताव राज्यपाल मंगुभाई पटेल को भेजा गया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब यह सत्र औपचारिक रूप से 1 दिसंबर से शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय ने भी सुरक्षा, दस्तावेज़ीकरण और तकनीकी व्यवस्थाओं की तैयारी तेज कर दी है।