मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो 5 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें होंगी, जिसमें विधायकों के सवाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और विधायी कार्य शामिल रहेंगे। माना जा रहा है कि इस सत्र में अनुपूरक बजट भी पेश किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष की बैठक के बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
1 दिसंबर से शुरू होगा विधानसभा सत्र
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शीतकालीन सत्र 1 से 5 दिसंबर तक चलेगा। यह सत्र छोटा जरूर होगा, लेकिन कई अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है। सरकार इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण विधेयक भी पास कर सकती है, जिसके लिए विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अनुपूरक बजट पेश होने की संभावना
सत्र में वित्त विभाग की ओर से अनुपूरक बजट प्रस्तुत किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, सरकार विभिन्न विकास योजनाओं और नीतियों से जुड़े विधेयक लाने की तैयारी में है। यह सत्र राज्य के वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों के लिए अहम माना जा रहा है।
नया प्रमुख सचिव संभालेंगे जिम्मेदारी
इस बार विधानसभा सत्र की एक और खास बात यह है कि प्रमुख सचिव का पदभार नए अधिकारी अरविंद शर्मा संभालेंगे। वे 1 अक्टूबर से इस पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले अवधेश प्रताप सिंह इस जिम्मेदारी पर थे, जो सेवानिवृत्ति के बाद मानव अधिकार आयोग के सदस्य नियुक्त हुए हैं।
हंगामेदार हो सकता है सत्र
राजनीतिक हलकों में यह सत्र हंगामेदार माना जा रहा है। विपक्ष पिछले कुछ सत्रों की तरह सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष भी जवाबी रणनीति बनाने में जुटा है। कई नीतिगत फैसले और राज्य के विकास कार्य इस सत्र में चर्चा का विषय बन सकते हैं।
सवाल और प्रस्ताव ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों माध्यम से
विधानसभा सचिवालय ने विधायकों को सुविधा दी है कि वे अपने प्रश्न और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे संसदीय कार्यवाही को और अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया जाएगा।