MP BJP National Executive---बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के ऐलान का इंतजार अब खत्म होने के करीब है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही नितिन नबीन की नई टीम की घोषणा कर सकता है। इस बार मध्य प्रदेश से कई वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। करीब आधा दर्जन नेताओं के नाम रेस में बताए जा रहे हैं। महिला नेतृत्व और युवा चेहरों को भी संगठन में जगह देकर बीजेपी नई टीम के जरिए संतुलन साधने की तैयारी में नजर आ रही है।
MP के दिग्गजों पर बीजेपी का भरोसा
नितिन नबीन की नई टीम में मध्य प्रदेश के कई अनुभवी नेताओं को जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, राष्ट्रीय संगठन में प्रदेश से करीब आधा दर्जन नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका और मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं।
कविता पाटीदार और अर्चना चिटनीस का नाम चर्चा में
नई कार्यकारिणी में महिला नेतृत्व को भी खास महत्व दिए जाने की बात सामने आ रही है। राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस के नाम केंद्रीय संगठन की जिम्मेदारी के लिए चर्चा में हैं। दोनों नेताओं को संगठन में अहम भूमिका मिलने की संभावना बताई जा रही है। इससे बीजेपी की महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति भी नजर आती है।
इन दिग्गज नेताओं के नाम भी रेस में
मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किए जाने वाले संभावित नामों में खरगोन सांसद गजेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा, वरिष्ठ नेता बंशीलाल गुर्जर और पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया के नाम की चर्चा है। अगर इन नेताओं को केंद्रीय संगठन में जगह मिलती है तो प्रदेश की राजनीति में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
युवा चेहरे से चौंका सकती है बीजेपी
बीजेपी इस बार सिर्फ अनुभवी नेताओं पर निर्भर रहने के बजाय संगठन में नए चेहरों को भी मौका देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व किसी युवा और अपेक्षाकृत नए चेहरे को केंद्रीय टीम में शामिल कर सकता है। ऐसा फैसला संगठन में नई ऊर्जा लाने के साथ युवा कार्यकर्ताओं को भी बड़ा संदेश दे सकता है।
2027-29 की तैयारी का दिखेगा असर
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी को आने वाले चुनावी दौर से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बीजेपी के सामने अगले विधानसभा चुनावों के साथ 2029 का लोकसभा चुनाव भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में राज्यों में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं के अनुभव का इस्तेमाल केंद्रीय संगठन में किया जा सकता है। हालांकि अंतिम सूची सामने आने के बाद ही साफ होगा कि मध्य प्रदेश से किन नेताओं को नितिन नबीन की टीम में जगह मिलती है।