HEMANT KHANDELWAL NITIN NAVIN---दतिया उपचुनाव में हार के बाद मध्यप्रदेश बीजेपी में संगठन को लेकर मंथन तेज हो गया है। इसी बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल गुरुवार को दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव के नतीजे के बाद काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि खंडेलवाल ने चुनावी हार के कारणों और प्रदेश संगठन से जुड़ी स्थिति का फीडबैक राष्ट्रीय नेतृत्व को दिया।
दतिया हार के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे हेमंत
दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद प्रदेश संगठन में लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर चल रहा है। इसी सिलसिले में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहली बार दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बंद कमरे में चर्चा हुई। बैठक में दतिया चुनाव के नतीजे और उससे जुड़े संगठनात्मक पहलुओं पर बातचीत होने की बात सामने आई है।
चुनावी हार की रिपोर्ट पर हुई चर्चा
बीजेपी का प्रदेश संगठन दतिया उपचुनाव में हार को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पहले ही राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज चुका है। अब हेमंत खंडेलवाल ने खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर इस रिपोर्ट से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि उन्होंने टिकट वितरण से लेकर चुनाव परिणाम आने तक पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों का फीडबैक भी साझा किया। हार के पीछे माने जा रहे कारणों और चुनाव के दौरान साjnमने आई परिस्थितियों की जानकारी राष्ट्रीय नेतृत्व को दी गई।
MP BJP में संगठन को लेकर बढ़ी हलचल
दतिया के नतीजे के बाद मध्यप्रदेश बीजेपी में संगठन को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग मौकों पर केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर चुके हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की केंद्रीय नेतृत्व के साथ मुलाकातें भी चर्चा में रही हैं। इन मुलाकातों के बीच प्रदेश संगठन में आगे की रणनीति को लेकर अटकलें तेज हैं।
बड़े बदलावों की चर्चा, संगठन में कसावट पर फोकस
दतिया उपचुनाव की हार के बाद बीजेपी में संगठन को और मजबूत करने तथा कामकाज में कसावट लाने की चर्चा चल रही है। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व से लगातार हो रही मुलाकातों को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। पार्टी के अंदर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं हैं, हालांकि अभी किसी बदलाव का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है। वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटना भी इस पूरे घटनाक्रम के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
दिल्ली में बैठकों से बढ़ी सियासी नजरें
दतिया उपचुनाव के बाद मध्यप्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली यात्राओं ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर और वीडी शर्मा के बाद अब हेमंत खंडेलवाल की नितिन नवीन से मुलाकात हुई है। ऐसे में पार्टी संगठन को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व आगे क्या फैसला करता है, इस पर सबकी नजर है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दतिया की हार के बाद बीजेपी प्रदेश संगठन में बदलाव सिर्फ चर्चा तक सीमित रहेगा या आने वाले समय में इसका असर जमीन पर भी दिखाई देगा।