मध्य प्रदेश बीजेपी को नया अध्यक्ष मिलने में हो रही देरी ने 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक प्रदेश संगठन की कमान तय नहीं हो पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या जुलाई में नया अध्यक्ष घोषित होगा और कौन बनेगा एमपी बीजेपी का अगला चेहरा? आपको बता दें कि जनवरी 2025 में ही एमपी बीजेपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाना चाहिए था, लेकिन अब तक नाम का ऐलान नहीं हो पाया। यह 45 वर्षों में पहली बार हो रहा है जब प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में इतना लंबा इंतजार हो रहा है। केंद्रीय नेतृत्व की चुप्पी ने कयासों को और हवा दे दी है।
किसके नाम की सबसे ज्यादा चर्चा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा दोबारा इस जिम्मेदारी की रेस में हैं। उनके कार्यकाल में पार्टी को मिली चुनावी सफलताओं को देखते हुए उन्हें दोबारा मौका दिया जा सकता है। इसके अलावा हेमंत खंडेलवाल, नरोत्तम मिश्रा, सुमेर सिंह सोलंकी, फग्गन सिंह कुलस्ते और लाल सिंह आर्य जैसे नाम भी चर्चा में हैं।
जुलाई में आ सकता है फैसला
सूत्रों के मुताबिक, मानसून सत्र से पहले भाजपा देशभर के 10 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर सकती है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में एमपी बीजेपी को जुलाई तक नया अध्यक्ष मिलने की संभावना जताई जा रही है।
अब तक के अध्यक्षों की सूची
एमपी बीजेपी की कमान अब तक सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी, शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभात झा, नंदकुमार सिंह चौहान, राकेश सिंह और वीडी शर्मा जैसे नेताओं के हाथों में रही है। लेकिन पहली बार पांच महीने तक कुर्सी खाली होने से संगठनात्मक कार्यों में असर महसूस किया जा रहा है।
पार्टी किसी सरप्राइज नाम को भी दे सकती है मौका
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पार्टी अपनी रणनीति के तहत उपरोक्त नामों से हटकर किसी नए चेहरे को भी मौका दे सकती है। भाजपा आमतौर पर संगठन को मजबूत करने के लिए सरप्राइज फैक्टर का उपयोग करती है, इसलिए अंतिम फैसला हाईकमान के ही हाथों में है।