MP BJP President: मध्य प्रदेश बीजेपी को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है। 1 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, और 2 जुलाई को नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी। इस सियासी हलचल के बीच प्रदेश अध्यक्षों के अब तक के कार्यकाल और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर नजर डालें तो कई रोचक तथ्य सामने आते हैं।
वीडी शर्मा ने बनाया कार्यकाल का रिकॉर्ड
मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल अब तक का सबसे लंबा रहा है। वे 63 महीनों से लगातार पद पर बने हुए हैं, जो अब तक के किसी भी अध्यक्ष से ज्यादा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सुंदरलाल पटवा के नाम था, जो दो कार्यकालों में कुल 86 महीने तक अध्यक्ष रहे थे।
मालवा क्षेत्र का दबदबा, बुंदेलखंड अब भी खाली
प्रदेश अध्यक्ष पद पर क्षेत्रीय संतुलन की बात करें तो मालवा क्षेत्र के नेताओं का हमेशा दबदबा रहा है। अब तक 8 बार मालवा क्षेत्र से नेता इस पद तक पहुंचे हैं। वहीं ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को 4 बार मौका मिला है। लेकिन बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र को अब तक प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, जिसको लेकर लगातार मांग उठ रही है कि अब नेतृत्व इन क्षेत्रों को भी दिया जाए।
छत्तीसगढ़ से भी दो नेता बन चुके हैं अध्यक्ष
1980 के बाद दो बार ऐसा हुआ जब प्रदेश भाजपा की कमान छत्तीसगढ़ से आने वाले नेताओं के हाथ में गई। रायगढ़ से लख्खीराम अग्रवाल (1990–1994) और नंदकुमार साय (1997–2000) इस पद पर रहे। यह दिखाता है कि पार्टी नेतृत्व ने क्षेत्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर भी फैसले लिए हैं।
अध्यक्षों की सूची बताती है दिलचस्प इतिहास
पार्टी के भीतर अब तक कई वरिष्ठ नेता इस पद को संभाल चुके हैं। कैलाश जोशी, शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर से लेकर प्रभात झा और राकेश सिंह तक सभी अध्यक्ष प्रदेश की सियासत में अहम भूमिका निभा चुके हैं। अब सबकी नजरें नए चेहरे पर टिकी हैं, जो पार्टी को आगे की दिशा देगा।
कौन बनेगा अगला अध्यक्ष?
अब सवाल यह है कि क्या पार्टी नेतृत्व इस बार भी ग्वालियर-चंबल या मालवा से ही नाम तय करेगा या बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र को पहली बार मौका मिलेगा? जवाब 2 जुलाई को मिलेगा, लेकिन चर्चाओं और समीकरणों का दौर अभी से शुरू हो गया है।