मध्यप्रदेश बीजेपी में प्रदेशाध्यक्ष को लेकर पिछले पांच महीने से सस्पेंस बना हुआ है। जनवरी से लेकर अब तक संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष का नाम सामने नहीं आया है। सूत्रों की मानें तो अब 16 जून के बाद इसका फैसला हो सकता है। 14 से 16 जून तक पचमढ़ी में भाजपा विधायकों और सांसदों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी रहेगी। माना जा रहा है कि प्रशिक्षण वर्ग के समापन के बाद प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस पद के लिए कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।
पार्टी कार्यकर्ता असमंजस में, पांच महीने से इंतज़ार
जनवरी में जब मंडल और जिला अध्यक्षों की घोषणा हो गई थी, तभी से कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि फरवरी तक प्रदेशाध्यक्ष का नाम भी सामने आ जाएगा। लेकिन पांच महीने बाद भी तस्वीर साफ नहीं है। इससे कार्यकर्ता और नेता दोनों ही भ्रम की स्थिति में हैं।
पचमढ़ी प्रशिक्षण वर्ग के बाद चुनाव कार्यक्रम संभव
14 से 16 जून को पचमढ़ी में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग में बीजेपी के बड़े नेता शामिल होंगे। इसी मंच पर प्रदेश अध्यक्ष चुनाव से जुड़ी चर्चाएं तेज हो सकती हैं। सूत्र बताते हैं कि 16 जून के बाद चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
ये नेता हैं दावेदारी में आगे
वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम सबसे ऊपर है, क्योंकि उनके नेतृत्व में पार्टी को लगातार चुनावी सफलताएं मिली हैं। इसके अलावा जिन नामों की चर्चा है, उनमें हेमंत खंडेलवाल, नरोत्तम मिश्रा, सुमेर सिंह सोलंकी, फग्गन सिंह कुलस्ते, और लाल सिंह आर्य शामिल हैं। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व तय किया जा सकता है।
जातीय समीकरण भी बनेगा फैक्टर
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भाजपा नेतृत्व जातीय समीकरणों को भी साधना चाहेगा। अनुसूचित जाति से आने वाले लाल सिंह आर्य का नाम इसीलिए चर्चा में है। वहीं, आदिवासी नेता फग्गन सिंह कुलस्ते को भी एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।