भोपाल। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन विस्तार की कवायद एक बार फिर टल गई है। पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि दशहरे या दीपावली तक नई टीम का ऐलान हो जाएगा, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश भाजपा का संगठन विस्तार बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ही संभव होगा। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नई टीम को लेकर चर्चा पूरी कर ली है और प्रस्ताव दिल्ली भेजा जा चुका है, जहां से हरी झंडी मिलते ही टीम की घोषणा की जाएगी।
जेपी नड्डा से अंतिम दौर की चर्चा लंबित
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष के साथ अंतिम दौर की बातचीत अभी बाकी है। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल बिहार चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है। ऐसे में मध्यप्रदेश की नई संगठनात्मक टीम पर निर्णय फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। खंडेलवाल ने जुलाई में प्रदेश अध्यक्ष पद संभाला था, लेकिन वे अब तक पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा की टीम के साथ ही काम कर रहे हैं।
सांसद-विधायकों की छुट्टी, नए चेहरों को मौका
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बार संगठन में सांसदों और विधायकों को बाहर किया जा सकता है। मौजूदा टीम में शामिल छह सांसदों और छह विधायकों की जगह संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और नए चेहरों को मौका मिलेगा। इस बार लगभग 70 प्रतिशत पदों पर नए चेहरे शामिल किए जाने की संभावना है, जबकि 30 प्रतिशत पुराने चेहरों को दोबारा जिम्मेदारी दी जा सकती है।
इन नामों पर बन सकती है सहमति
सूत्रों के अनुसार, पूर्व संगठन मंत्री विजय दुबे, आशुतोष तिवारी, श्याम महाजन और केशव सिंह भदौरिया के नाम पर मंथन चल रहा है। इंदौर के गौरव रणदिवे और भोपाल के सुमित पचौरी को युवा चेहरों के रूप में सामने लाने की रणनीति पर भी विचार हुआ है। वहीं, महामंत्री भगवानदास सबनानी और कार्यालय मंत्री राघवेंद्र शर्मा की जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना है।
प्रदेश में बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत
बीजेपी नेतृत्व चाहती है कि नई टीम में संगठन के सक्रिय और ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को स्थान मिले। खंडेलवाल ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत चर्चा कर सुझाव लिए हैं। माना जा रहा है कि बिहार चुनाव के तुरंत बाद नई टीम की घोषणा के साथ ही प्रदेश भाजपा में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।