मध्यप्रदेश में SIR (Special Intensive Revision) का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन इसका भारी दबाव अब चुनावी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की सेहत पर असर डालने लगा है। भोपाल में एक महिला BLO को हार्ट अटैक आया, वहीं मंडीदीप में एक BLO की मीटिंग के बाद मौत हो गई। लगातार काम, देर रात तक ऑनलाइन मीटिंग और नियमों के दबाव ने इस पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
SIR कार्य में व्यस्त लेडी BLO की तबीयत बिगड़ी
भोपाल में SIR कार्य के दौरान BLO कीर्ति कौशल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचकर उनकी सेहत की जानकारी ले चुके हैं।
मंडीदीप में BLO की मौत ने बढ़ाई चिंता
मंडीदीप में BLO रमाकांत पांडे की ऑनलाइन मीटिंग खत्म होने के कुछ समय बाद मौत हो गई। बताया गया कि वे बीते चार दिनों से नींद नहीं ले पाए थे और लगातार काम का तनाव झेल रहे थे। देर रात ऑनलाइन निर्देश, घर-घर सत्यापन और समय सीमा पूरी करने का दबाव उनकी परेशानी का कारण बन गया।
परिवार ने बताया– ‘हर समय कार्रवाई का डर’
रमाकांत पांडे के परिजनों ने बताया कि वे मानसिक तनाव में थे। समय-सीमा पूरी न होने पर कार्रवाई का डर हमेशा बना रहता था। काम की अधिकता के कारण वे सो नहीं पा रहे थे, जिससे उनकी सेहत पर भारी असर पड़ा और यह तनाव उनकी जान ले बैठा।
SIR समय सीमा बढ़ाने की मांग तेज
दोनों घटनाओं के बाद अब SIR की समय सीमा बढ़ाने की मांग उठने लगी है। चुनावी कार्य में लगे कर्मचारियों का कहना है कि काम का अत्यधिक बोझ और तंग समय-सीमा स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है। वे घर-घर सत्यापन, डिजिटलाइजेशन और फॉर्म प्रक्रिया में लगातार दबाव झेल रहे हैं।
नाम काटने के दबाव पर भी सवाल
SIR प्रक्रिया के दौरान कई BLO का कहना है कि उन पर मतदाता सूची से कुछ नाम हटाने का दबाव डाला जा रहा है। कर्मचारियों का तर्क है कि पात्र लोगों के नाम हटाने पर भविष्य में कार्रवाई हो सकती है, जिससे वे दोहरे संकट में फंसे हैं—एक ओर काम का बोझ, दूसरी ओर नियमों का डर।