MP Exam Security--मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था लागू की जा रही है। त्रैमासिक परीक्षा में पहली बार प्रश्नपत्रों पर स्कूल की पहचान वाला खास वाटरमार्क दिया जाएगा। इसमें छह अंकों का मंडल कोड छिपा रहेगा। परीक्षा से पहले यदि कोई पेपर बाहर आता है या सोशल मीडिया पर वायरल होता है, तो उसकी पहचान संबंधित स्कूल तक पहुंचाने में मदद मिल सकेगी।
हर स्कूल के पेपर की होगी अलग पहचान
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक स्कूल को अलग छह अंकों का मंडल कोड दिया है। यही कोड प्रश्नपत्र पर वाटरमार्क के रूप में दर्ज रहेगा। यदि पेपर लीक होता है तो जांच के दौरान यह पता लगाने में आसानी होगी कि वह प्रश्नपत्र किस स्कूल के लिए जारी किया गया था।
7 सितंबर से शुरू होंगी त्रैमासिक परीक्षाएं
कक्षा 9वीं से 12वीं तक की त्रैमासिक परीक्षाएं 7 सितंबर से शुरू होने जा रही हैं। प्रश्नपत्र दो अलग शेड में तैयार किए जा रहे हैं। हर विषय के पेपर में संबंधित स्कूल का कोड छिपा रहेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों के अनधिकृत प्रसार पर रोक लगाना है।
सोशल मीडिया पर वायरल पेपर से खुलेगा राज
अगर किसी स्कूल का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम पर पहुंच जाता है, तो वाटरमार्क जांच में अहम भूमिका निभाएगा। छह अंकों के कोड से संबंधित स्कूल की पहचान की जा सकेगी। इससे लीक के स्रोत तक पहुंचने और जिम्मेदारी तय करने में जांच एजेंसियों को मदद मिलने की उम्मीद है।
सीलबंद लिफाफे में स्कूल पहुंचेंगे पेपर
त्रैमासिक परीक्षा के प्रश्नपत्र ऑनलाइन जारी नहीं किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रण कार्यालय से प्रश्नपत्र सीलबंद लिफाफों में स्कूलों तक पहुंचाए जाएंगे। स्कूल में जरूरत के अनुसार उनकी फोटोकॉपी कराई जाएगी। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी परीक्षा प्रभारी और स्कूल प्रबंधन की होगी।
दो पालियों में होगी परीक्षा
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली में 9वीं और 10वीं की परीक्षा होगी, जबकि दूसरी पाली में 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी शामिल होंगे। दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है। विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले स्कूल बुलाकर जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।