मध्य प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए इस साल की परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पारंपरिक सप्लीमेंट्री परीक्षा को पूरी तरह खत्म कर नई “द्वितीय परीक्षा” प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब सिर्फ फेल छात्र ही नहीं, बल्कि पास छात्र भी अपने अंक सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।
सप्लीमेंट्री परीक्षा का खत्म हुआ दौर
एमपी बोर्ड ने दशकों से चली आ रही सप्लीमेंट्री परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दिया है। यह कदम छात्रों को अधिक लचीला और अवसरपूर्ण परीक्षा विकल्प देने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब “द्वितीय परीक्षा” के रूप में एक नई व्यवस्था लागू होगी, जो पहले से अधिक छात्र हितैषी मानी जा रही है।
पास छात्र भी सुधार सकेंगे अपना रिजल्ट
नई प्रणाली की सबसे खास बात यह है कि अब केवल फेल छात्र ही नहीं, बल्कि वे छात्र भी परीक्षा दे सकेंगे जो अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे छात्र अपनी पसंद के विषय में दोबारा परीक्षा देकर अपना प्रतिशत बेहतर कर सकते हैं। इससे प्रतिस्पर्धा और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
मई में होगा द्वितीय परीक्षा का आयोजन
बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। वहीं 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई तक चलेगी। यह परीक्षा मुख्य परीक्षा के परिणाम आने के बाद आयोजित होगी, जिससे छात्रों को तुरंत सुधार का मौका मिल सके।
7 दिन के भीतर करना होगा आवेदन
द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के 7 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा। समय सीमा का ध्यान रखना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।पूरी तरह डिजिटल होगी आवेदन प्रक्रिया
बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। छात्र अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा कर आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी, और छात्रों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।