
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज में 1800 करोड़ रुपये की BRAHMA–BEML रेल मैन्युफैक्चरिंग हब परियोजना का भूमिपूजन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बीईएमएल के प्रेसिडेंट एवं सीएमडी शांतनु राय, कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। परियोजना के तहत आधुनिक ट्रेन कोच और रेलवे उत्पाद बनाए जाएंगे, जिससे प्रदेश को औद्योगिक बढ़त और 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
औद्योगिक विकास का नया अध्याय
औबेदुल्लागंज में बनने वाला यह मैन्युफैक्चरिंग हब, लाइट वेट एल्युमीनियम कोच समेत कई रेलवे प्रोडक्ट्स का निर्माण करेगा। सुरक्षा और पर्यावरण मानकों के साथ, यहां भविष्य में रक्षा उत्पादों का निर्माण भी संभव होगा। परियोजना को 2 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निवेश और रोजगार की बरसात
करीब 1,800 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस यूनिट से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे ‘वर्षा ऋतु में रोजगार की बारिश’ बताया और कहा कि यह प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी।
‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत आधार
परियोजना ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ विजन का सशक्त उदाहरण है। यहां तैयार होने वाले कोच न केवल भारतीय रेलवे के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निर्यात किए जाएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह कदम रेलवे के आधुनिकीकरण और स्वदेशी उत्पादन को नई ऊंचाई देगा।
आधुनिक तकनीक और तेज़ी से निर्माण
लक्ष्य है कि 18 महीनों में पहला रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री से निकले। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनरी और विशेषज्ञों की टीम तैनात होगी। यह हब प्रदेश को रेलवे मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक नक्शे पर स्थापित करेगा।