मध्यप्रदेश के बजट 2026 में जबलपुर शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने वाली बड़ी परियोजना मिलने की उम्मीद है। गढ़ा क्षेत्र में करीब तीन किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह परियोजना मेडिकल कॉलेज, त्रिपुरी चौक और आसपास के इलाकों में रोजाना लगने वाले जाम को काफी हद तक खत्म कर सकती है।
गढ़ा क्षेत्र में फ्लाईओवर की जरूरत क्यों?
जबलपुर के गढ़ा इलाके में त्रिपुरी चौक, मेडिकल तिराहा और मेडिकल कॉलेज के सामने रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव रहता है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य इमरजेंसी वाहन अक्सर जाम में फंस जाते हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देर होती है। इसी समस्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग की ओर से ढाई से तीन किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे बजट 2026 में मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
300 करोड़ की लागत और संभावित रैंप
प्रस्तावित फ्लाईओवर की लागत लगभग 300 करोड़ रुपये आंकी गई है। योजना के अनुसार एक रैंप आईसीएमआर के सामने उतारा जा सकता है, जबकि दूसरा सूपाताल क्षेत्र में बनने की संभावना है। इसके अलावा संजीवनी नगर और धनवंतरी नगर चौराहे की ओर साइड रैंप बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। इससे मेडिकल मार्ग पर यातायात का दबाव घटेगा और डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ तथा मेडिकल छात्रों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
40 से ज्यादा कॉलोनियों को होगा फायदा
वर्तमान में त्रिपुरी चौक से पंडा की मढ़िया होते हुए इमरती तालाब और गंगा नगर तिराहा तक रोज जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग से होकर गुजरने वाली 40 से अधिक कॉलोनियों के निवासी लंबे समय से यातायात अव्यवस्था से परेशान हैं। फ्लाईओवर बनने के बाद इन इलाकों के लोगों को रोजाना की भागदौड़ में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
शहर में पहले से चल रही फ्लाईओवर परियोजनाएं
जबलपुर में मदनमहल–दमोहनाका और कटंगा फ्लाईओवर पहले ही चालू हो चुके हैं। सगड़ा फ्लाईओवर निर्माणाधीन है, जबकि पेंटीनाका फ्लाईओवर का काम आवश्यक अनुमति मिलने के बाद शुरू होने वाला है। बंदरिया तिराहा–ईं मंदिर फ्लाईओवर को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है और विजयनगर–धनवंतरी नगर फ्लाईओवर को बजट मंजूरी का इंतजार है।
सातवां फ्लाईओवर बनने की ओर जबलपुर
रेलवे पुल नंबर–2 से रद्दी चौकी तक फ्लाईओवर का प्राकलन तैयार किया जा रहा है और आईएसबीटी से आईटीआई तक प्रस्तावित परियोजना को केंद्रीय रिजर्व निधि से फंड मिलने की योजना है। इन सभी के बीच गढ़ा क्षेत्र में बनने वाला फ्लाईओवर शहर का सातवां फ्लाईओवर होगा, जो आने वाले वर्षों में जबलपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।