Madhya Pradesh विधानसभा के बजट सत्र 2026 की शुरुआत गरिमामय माहौल में हुई, लेकिन ‘दूषित पानी से 40 मौतों’ के मुद्दे ने सदन का वातावरण अचानक गरमा दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही विपक्ष ने इस गंभीर मामले को उठाते हुए जोरदार हंगामा किया। हालात ऐसे बने कि पहले ही दिन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
वंदे मातरम् से गूंजा सदन, फिर बढ़ा सियासी तापमान
Madhya Pradesh Legislative Assembly के बजट सत्र 2026 की शुरुआत वंदे मातरम् के छहों छंदों के सामूहिक गायन से हुई। पूरा विधानसभा परिसर राष्ट्रगान की स्वर लहरियों से गूंज उठा। इसके बाद राज्यपाल Mangubhai Patel ने अभिभाषण शुरू किया। शुरुआत में माहौल संयमित रहा, लेकिन जैसे ही विपक्ष ने दूषित पानी से 40 मौतों का मुद्दा उठाया, सदन में शोर-शराबा बढ़ने लगा।
अभिभाषण के बीच विपक्ष का हंगामा
राज्यपाल के संबोधन के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने दूषित जल आपूर्ति और उससे हुई कथित 40 मौतों पर सरकार को घेरना शुरू किया। विपक्षी सदस्यों ने इस मामले की जवाबदेही तय करने और तत्काल चर्चा की मांग की। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
अध्यक्ष ने स्थगित की कार्यवाही
सदन में लगातार बढ़ते शोर-शराबे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष Narendra Singh Tomar ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले ही पहले दिन का सत्र समाप्त करना पड़ा।
‘अमृतकाल’ और निवेश पर सरकार का फोकस
अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि देश ‘अमृतकाल’ के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया। निवेश आकर्षित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट और विभिन्न रोड शो आयोजित किए गए। सरकार का दावा है कि निवेश के मामले में प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है और नई नीतियों से उद्योगों को बढ़ावा मिला है।
2026: किसान कल्याण वर्ष की घोषणा
सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है। कृषि, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू करने की बात कही गई। अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
बजट सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया, लेकिन आने वाले दिनों में दूषित पानी के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।