मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित मोहन कैबिनेट की बैठक कई ऐतिहासिक और बड़े फैसलों की गवाह बनी। बैठक में जहां एक ओर राजनीतिक उत्साह देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बंगाल में भाजपा की सफलता की खुशी मंत्रियों ने अनोखे अंदाज में मनाई। इसके साथ ही राज्य में कृषि, व्यापार, उद्योग और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर मुहर लगी, जिससे आने वाले समय में प्रदेश की विकास गति और तेज होने की उम्मीद है।
बंगाल जीत का जश्न और झालमुड़ी का स्वाद
कैबिनेट बैठक में उस समय उत्सव जैसा माहौल बन गया जब बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की सफलता की चर्चा हुई। इस खुशी को और खास बनाने के लिए मंत्रियों ने पारंपरिक स्नैक झालमुड़ी का आनंद लिया। इसे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बताते हुए नेताओं ने एकता का संदेश भी दिया। यह अनोखा जश्न बैठक का आकर्षण बन गया।
इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारी
इंदौर में 9 से 13 जून तक होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर भी अहम चर्चा हुई। इसमें 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य फोकस कृषि क्षेत्र के विकास, उन्नत बीजों और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर रहेगा। इस आयोजन से मध्यप्रदेश को वैश्विक कृषि नवाचार केंद्र के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र में बड़े फैसले और गेहूं उपार्जन
प्रदेश में गेहूं उपार्जन अभियान तेजी से चल रहा है। अब तक लाखों मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी और हजारों करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। लाखों किसानों से उपार्जन प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही जल संरक्षण और सोलर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
दलहन मिशन और व्यापार कल्याण बोर्ड की नई पहल
कैबिनेट ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 2442 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के गठन को भी स्वीकृति मिली है, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। यह बोर्ड व्यापारियों के हितों की रक्षा और नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
भोपाल के पास इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर और विकास परियोजनाएं
भोपाल के पास इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर विकसित करने के लिए 1295 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही कुल 38555 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।