MP CABINET DECISIONS---मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल समूह की बैठक में किसानों, सड़कों और युवाओं से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय जमीन अधिग्रहण को लेकर हुआ है। अब किसानों की आपसी सहमति से सरकार जमीन सीधे खरीद सकेगी और इसके लिए चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा सिवनी-बालाघाट फोरलेन सड़क और 12 नई सड़कों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में बारिश और किसान हित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सहमति से जमीन खरीदने को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आपसी सहमति से भूमि क्रय के प्रावधान को मंजूरी दी गई। इसके तहत अगर किसान अपनी जमीन देने के लिए सहमत होते हैं तो सरकार सीधे जमीन खरीद सकेगी। इसके बदले किसानों को चार गुना मुआवजा राशि दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
सिवनी-बालाघाट फोरलेन को हरी झंडी
बैठक में सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे को फोरलेन करने का भी फैसला लिया गया। करीब 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन बनाया जाएगा। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत 3,458 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही प्रदेश में 12 नई सड़कों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। सरकार ने सड़क परियोजनाओं में बेहतर गुणवत्ता पर भी जोर दिया है।
युवाओं के कौशल विकास पर भी फोकस
बैठक में युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने को लेकर भी निर्णय हुआ। नीति आयोग की ‘विकसित भारत में कौशल विकास’ विषय पर जारी नवीनतम रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश में नई रणनीति तैयार की जाएगी। अलग-अलग विभागों के सहयोग से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम किया जाएगा।
Farmer ID के लिए किसानों तक पहुंचेगी टीम
किसानों की सुविधा के लिए 20 अगस्त से Farmer ID बनाने का अभियान शुरू किया गया है। अब सरकारी दल सीधे किसानों के पास पहुंचकर उनकी Farmer ID बनाएंगे। इससे किसानों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए दफ्तरों और लंबी कतारों में जाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों से अपनी Farmer ID बनवाने की अपील की है।
90 फीसदी कैबिनेट फैसलों पर अमल
बैठक में मुख्य सचिव की ओर से सरकार के पिछले तीन वर्षों के फैसलों पर अमल को लेकर रिपोर्ट भी रखी गई। मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक, इस अवधि में कैबिनेट द्वारा लिए गए करीब 90 प्रतिशत फैसलों पर अमल किया जा चुका है। वहीं बारिश की स्थिति को देखते हुए अतिवृष्टि वाले इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा कम बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों के लिए जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।