मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ही दिन में दोनों राज्यों के चार जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। अदालत परिसरों को खाली कराकर बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड से सघन तलाशी कराई गई। फिलहाल किसी विस्फोटक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में एक साथ अलर्ट
छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव जिला न्यायालयों को एक जैसे धमकी भरे ई-मेल मिलने की सूचना सामने आई। जैसे ही यह जानकारी प्रशासन तक पहुंची, तीनों जिलों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कारणों से अदालत परिसरों को तत्काल खाली कराया गया।
मध्य प्रदेश के रीवा न्यायालय को भी धमकी
इसी क्रम में मध्य प्रदेश के रीवा जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ई-मेल के जरिए भेजे गए संदेश के बाद न्यायालय परिसर में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर अपने नियंत्रण में लिया।
न्यायाधीश, वकील और आम लोग सुरक्षित निकाले गए
धमकी की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय में मौजूद न्यायाधीश, अधिवक्ता, कर्मचारी और आम नागरिकों को बिना देरी किए बाहर निकाला गया। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए अदालतों की कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गई।
बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही संबंधित जिलों की पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच की गई। शुरुआती तलाशी में किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं।
ई-मेल भेजने वाले की तलाश में साइबर सेल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई है। मेल की तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। आईपी एड्रेस, लोकेशन और मेल भेजने के पैटर्न की जांच की जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
अफवाह या साजिश, हर एंगल से जांच
प्रारंभिक जांच में इस घटना को दहशत फैलाने की कोशिश भी माना जा रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक हर पहलू पर गंभीरता से काम किया जाएगा।