मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री निवास (CM House) की सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह हाईटेक हो गई है। सुरक्षा के लिहाज से यहां तीन बड़े आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी मदद से वाहनों और आगंतुकों की जांच अब बेहद आसान और तेज़ हो जाएगी। अब तक सुरक्षा जांच मैनुअली की जाती थी, लेकिन नई तकनीक के चलते यह प्रक्रिया ऑटोमैटिक हो गई है। इससे न सिर्फ सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि आगंतुकों को लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।
वाहनों की होगी ऑटोमैटिक स्कैनिंग
मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश करने वाले वाहनों को अब बगैर मानवीय हस्तक्षेप के स्कैन किया जाएगा। व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) के जरिए वाहनों में छिपाकर लाई जा रही ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री को सेकंडों में पकड़ा जा सकेगा। यह तकनीक सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।
नंबर प्लेट से होगी तुरंत पहचान
ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम भी निवास की सुरक्षा में जोड़ा गया है। यह सिस्टम वाहनों के नंबर को तुरंत पढ़ लेता है। यदि किसी वाहन का कोई आपराधिक रिकॉर्ड जुड़ा होगा, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट कर देगा। इससे संदिग्ध वाहनों की पहचान तुरंत हो सकेगी।
आगंतुकों की जांच में लगेगा कम समय
निवास में आने वाले लोगों की जांच के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) लगाया गया है। इसके जरिए किसी भी आगंतुक द्वारा लाए गए सामान की जांच तेजी से हो सकेगी। पहले जांच में लगने वाले लंबे इंतजार से लोगों को परेशानी होती थी, लेकिन अब हाईटेक तकनीक से यह समस्या कम हो जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुआ प्रवेश द्वार
मुख्यमंत्री निवास के मुख्य प्रवेश द्वार को भी नया रूप दिया गया है। इसके साथ ही एक आधुनिक प्रतीक्षा कक्ष भी तैयार किया गया है, जहां एक साथ कई लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं।