बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों में एनडीए को मिली बढ़त में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सक्रिय भूमिका साफ दिख रही है। सीएम मोहन यादव ने बिहार की 26 विधानसभा सीटों पर जनसभाएं की थीं, जिनमें से 21 सीटों पर एनडीए प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। एनडीए की संभावित जीत पर उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकासपरक राजनीति की जीत है, जो जनता लगातार स्वीकार कर रही है।
NDA की बढ़त में मोहन यादव का चुनावी प्रभाव
बिहार के चुनावी मैदान में इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एंट्री मजबूत रही। उन्होंने 15 अक्टूबर से 9 नवंबर तक विभिन्न जिलों में लगातार सभाएं कीं। पटना से लेकर चंपारण, गया, मधेपुरा, भागलपुर और बांका तक फैली उनकी 26 जनसभाओं ने एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाया।
रुझानों में दिख रही 21 सीटों की बढ़त यह साबित करती है कि बिहार में भी उनका प्रचारात्मक असर महसूस किया गया।
मोहन यादव बोले—तीसरी बार बिहार में लौट रही विकास की सरकार
रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि 2014 के बाद देश ने विकास की नई राजनीति को अपनाया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीन लोकसभा चुनावों में भारी बहुमत के बाद अब राज्यों में भी यही लहर जारी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और अब बिहार… यह सिलसिला बताता है कि जनता ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों को खारिज कर विकास के साथ कदम मिलाना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस पर निशाना—समय से पहले मैदान छोड़ने का नुकसान
डॉ. यादव ने रुझानों को कांग्रेस के लिए करारा सबक बताया। उनका कहना था कि कांग्रेस ने इस चुनाव में राजद को डुबाने का काम किया है। उनके बड़े नेता ने समय रहते चुनावी मैदान छोड़ दिया, जिसका खामियाजा गठबंधन पार्टियों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता जो फैसला देती है, वही अंतिम होता है—और इस बार बिहार ने विकास के पक्ष में जनादेश दिया है।
जहां-जहां किया प्रचार—विस्तृत सूची
सीएम मोहन यादव की प्रमुख सभाएं पटना, गया, नवादा, मधुबनी, वेस्ट चंपारण, ईस्ट चंपारण, मोतिहारी, बांका, भागलपुर व मधेपुरा जैसे प्रमुख जिलों में हुईं। इन इलाकों में एनडीए की स्थिति मजबूत देखी जा रही है, जिसे उनके दौरे और जनसभाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।