भोपाल में आयोजित AI समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सत्ता पक्ष ने इसे किसानों और प्रदेश के विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्ष और विशेष रूप से राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें महाकाल के दरबार में जाकर माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने किसानों की स्थिति, भावांतर योजना और फसल विविधीकरण को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
‘महाकाल से माफी मांगें राहुल गांधी’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों की हालत खराब रही, जबकि वर्तमान सरकार ने कम समय में बड़े बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर झूठी राजनीति करने के बजाय विपक्ष को तथ्यों पर बात करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में कृषि सुधारों को लेकर सरकार की नीतियां स्पष्ट और किसान हितैषी हैं।AI समिट में प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया
AI समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कपड़े उतारकर किए गए प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ने इसे “गंदी मानसिकता” का परिचय बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर प्रदेश की छवि खराब करने की यह कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि जब प्रदेश निवेश और एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, तब ऐसे विरोध प्रदर्शन विकास यात्रा को बाधित करने वाले हैं।
किसानों के लिए योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोयाबीन के लिए 1500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भावांतर योजना के तहत दी गई। उन्होंने कहा कि इस योजना की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई और अन्य राज्यों ने भी इसे अपनाया। उन्होंने सरसों के बढ़ते रकबे का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली और पानी की बेहतर उपलब्धता के कारण 27 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
सरसों के लिए बाजार भाव 5500 से 6000 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपए निर्धारित है। सरकार उचित मूल्य दिलाने के लिए नई भावांतर योजना पर विचार कर रही है।
फसल विविधीकरण और दलहन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अगर मूंग की जगह उड़द की खेती करते हैं तो सरकार 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देगी। उन्होंने दलहन उत्पादन में प्रदेश की तेज प्रगति का दावा किया और मसूर, चना व उड़द के उपार्जन के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी।
पीला मोजेक जैसी बीमारियों से प्रभावित किसानों को राहत देने का भी प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि संकट के समय सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।