मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही ठंड ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण शनिवार रात से शीतलहर की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, राजगढ़ समेत 16 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है।
नवंबर में ही महसूस हुई जनवरी जैसी ठंड
इस बार नवंबर की शुरुआत में ही ठंड ने अपने तेवर दिखा दिए हैं। आमतौर पर दिसंबर के बाद कड़ाके की ठंड शुरू होती है, लेकिन इस बार मौसम ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में कई इलाकों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है, जिससे लोग रजाइयों में दुबकने को मजबूर हैं।
राजगढ़ में सबसे कम तापमान
राजगढ़ जिले में सबसे ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई है। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम में अब तक का सबसे कम तापमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ठंड पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं की वजह से बढ़ी है।
भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में कोल्ड वेव
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, देवास, सीहोर, शाजापुर, रीवा और सतना जैसे शहरों में भी पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिन में भी ठंडी हवाएं चलने से लोगों को ठिठुरन का एहसास हुआ।
अगले हफ्ते तक जारी रहेगा असर
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि 10 से 16 नवंबर तक ठंड का यह असर जारी रहेगा। भोपाल, ग्वालियर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और मुरैना समेत 16 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। सुबह और देर रात ठंड और बढ़ने की संभावना है।