मध्य प्रदेश में इस साल की ठंड ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में ही कड़ाके की सर्दी ने प्रदेश के कई शहरों को शून्य के करीब ला खड़ा किया है। राजगढ़ राज्य का सबसे ठंडा शहर बना, वहीं इंदौर ने 50 साल पुराने तापमान रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। राजधानी भोपाल भी देश के 10 सबसे ठंडे शहरों की सूची में शामिल हो गया है, जिससे ठंड का असर पहले से अधिक तेज महसूस किया जा रहा है।
राजगढ़ बना सबसे ठंडा शहर
प्रदेश में ठंड का सबसे ज्यादा असर राजगढ़ में देखने को मिला, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया। लगातार दूसरे दिन तापमान में गिरावट ने यहां ठंड को और तीखा बना दिया है। सुबह और देर शाम के समय कोहरे और ठंडी हवाओं ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। बाजारों में भीड़ कम दिखाई दे रही है और लोग सुबह की गतिविधियों को कम कर रहे हैं।
इंदौर ने छुआ 50 साल का रिकॉर्ड
इंदौर में नवंबर की ठंड ने पिछले 50 सालों के रिकॉर्ड के बराबर तापमान छू लिया है। शहर का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री पर आ गया, जो इस महीने में सामान्य से काफी कम है। अचानक आई ठंड ने शहर में हीटर, गर्म कपड़ों और सर्दी से बचाव के सामानों की मांग बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का सीधा प्रभाव है।
भोपाल देश के 10 सबसे ठंडे शहरों में शामिल
राजधानी भोपाल ने भी इस बार रिकॉर्ड ठंड दर्ज की है। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री के साथ यह देश का 10वां सबसे ठंडा शहर बन गया है। सुबह से ही लोगों ने भारी ऊनी कपड़े पहनना शुरू कर दिया। हल्की धूप दिखने के बावजूद ठंड का एहसास खत्म नहीं हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
ग्वालियर और अन्य शहरों में भी रिकॉर्ड टूटे
ग्वालियर में तापमान ने पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड दोहरा दिया है। प्रदेश के अन्य शहरों—उज्जैन, रतलाम, धार, खजुराहो और भोपाल में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ और तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने नवंबर को ही जनवरी जैसी ठंड में बदल दिया है। आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट की संभावना जताई जा रही है।