साल के आखिरी दिनों में मध्य प्रदेश भीषण ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है। ठिठुरन का असर ऐसा है कि प्रदेश के पांच शहर देश के सबसे ठंडे शहरों की सूची में शामिल हो गए हैं। राजधानी भोपाल मैदानी इलाकों में छठा सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया है। कोहरे और सर्द हवाओं ने सड़क, रेल और हवाई यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।
5 शहरों ने बढ़ाई ठंड की चिंता
मध्य प्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश के सबसे ठंडे शहरों में प्रदेश के पांच शहर शामिल हैं। शहडोल जिले का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़, उमरिया, नौगांव, पचमढ़ी और बालाघाट जैसे शहरों में भी पारा तेजी से लुढ़क गया है।
25 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे
प्रदेश के कुल 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। कई जिलों में रात और सुबह के समय ठिठुरन ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। सुबह-सुबह सड़कों पर सन्नाटा और घरों में अलाव व हीटर का सहारा नजर आ रहा है। ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और ज्यादा देखा जा रहा है।
भोपाल: मैदानी इलाकों में छठा सबसे ठंडा शहर
राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। हालांकि बीते 24 घंटों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सर्द हवाओं के चलते ठंड का असर कम नहीं हुआ। इसी के साथ भोपाल देश के मैदानी शहरों में छठा सबसे ठंडा शहर बन गया है।
कोहरे से जनजीवन प्रभावित, स्कूलों में छुट्टी
कड़ाके की ठंड को देखते हुए ग्वालियर में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
फ्लाइट और ट्रेन सेवाओं पर असर
कोहरे का असर हवाई और रेल यातायात पर साफ दिखाई दे रहा है। कई फ्लाइट्स लेट हुई हैं और कुछ रद्द भी करनी पड़ी हैं। रेल सेवाएं भी प्रभावित हैं, कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 31 दिसंबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन सर्द हवाओं से राहत के आसार फिलहाल कम नजर आ रहे हैं।