मध्य प्रदेश में 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने अभी से अपनी रणनीति को मजबूत करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। पार्टी का फोकस इस बार केवल चुनावी तैयारी तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन को अंदर से मजबूत बनाने पर भी है। खास तौर पर नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को वापस सक्रिय करने के लिए एक खास प्लान तैयार किया गया है।
‘कुंडली प्लान’ से नाराजगी दूर करने की कोशिश
कांग्रेस ने विधानसभा प्रभारियों को जिम्मेदारी दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं की पूरी जानकारी जुटाएं। इस प्रक्रिया को ‘कुंडली तैयार करना’ कहा जा रहा है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि कौन नेता क्यों नाराज है और उसे कैसे मनाया जा सकता है।
बैठकों में तय हो रही रणनीति
राजधानी भोपाल में लगातार बैठकों का दौर जारी है, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता रणनीति तैयार कर रहे हैं। इन बैठकों में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है। हर स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभारियों को मिली अहम जिम्मेदारी
विधानसभा प्रभारियों को कहा गया है कि वे न केवल नाराज नेताओं से संवाद करें, बल्कि उनके समर्थन आधार और जुड़ाव को भी समझें। इसके साथ ही उन्हें लगातार क्षेत्र में प्रवास करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
पार्टी ने कार्यकर्ताओं के फोन नंबर, सामाजिक समीकरण, प्रभावशाली व्यक्तियों और संगठनों से संपर्क जैसी जानकारी जुटाने को भी कहा है। इसका उद्देश्य यह है कि चुनाव से पहले संगठन पूरी तरह सक्रिय और संगठित हो सके।
“काम करेगा वही टिकेगा” का संदेश
बैठकों में साफ तौर पर यह संदेश दिया गया है कि संगठन में वही लोग पद पर बने रहेंगे, जो सक्रिय रूप से काम करेंगे। इस सख्त रुख के जरिए पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चुनाव से पहले कोई भी कमजोरी न रह जाए।