भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने और 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में दिल्ली में पार्टी के नए जिला अध्यक्षों की विशेष बैठक हुई, जिसमें उनके कामकाज का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। बैठक में जिला अध्यक्षों को बड़ा टास्क दिया गया है, जिसमें मतदाता सूची की जांच, पंचायत स्तर तक संगठन का विस्तार और लगातार प्रदर्शन करने जैसे लक्ष्य शामिल हैं। कांग्रेस आलाकमान ने साफ कर दिया है कि अब हर जिले में काम का आकलन सीधे होगा और नेताओं को टीम भावना से आगे बढ़ना होगा।
वोटर लिस्ट पर होगी खास नजर
बैठक में जिला अध्यक्षों को सबसे पहला काम मतदाता सूची की जांच करने का सौंपा गया। पार्टी का मानना है कि आने वाले चुनाव में बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ बनाने के लिए सही और अद्यतन वोटर लिस्ट बेहद अहम है। इसलिए प्रत्येक जिला अध्यक्ष को अपने क्षेत्र की सूची का पुनः परीक्षण करना होगा और उसकी रिपोर्ट पार्टी को सौंपनी होगी।
हर महीने प्रदर्शन और प्रेस कॉन्फ्रेंस
जिला अध्यक्षों को संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने के लिए हर महीने कम से कम एक बड़ा प्रदर्शन और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इसके पीछे पार्टी का उद्देश्य यह है कि जनता के बीच कांग्रेस की मौजूदगी लगातार बनी रहे और संगठनात्मक संदेश सीधे मतदाताओं तक पहुंचे।
पंचायत स्तर पर संगठन का विस्तार
कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों को एक महीने के भीतर पंचायत कमेटियां बनाने का टारगेट भी दिया है। यह काम基层 स्तर पर पार्टी को मजबूत करने और गांव-गांव तक पहुंच बनाने के लिए अहम माना जा रहा है। हर तीन महीने में इन कामों की समीक्षा होगी और रिपोर्ट एआईसीसी को भेजी जाएगी।
नेताओं को एकजुट होकर काम करने का संदेश
बैठक में पार्टी नेताओं को यह भी स्पष्ट संदेश दिया गया कि आपसी मतभेद से नुकसान केवल संगठन को होता है। इसलिए सभी नेताओं को मिलकर टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। जिला अध्यक्षों को 10 दिन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि वे संगठनात्मक जिम्मेदारियों को प्रभावी तरीके से निभा सकें।