मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 7 अप्रैल को पूरे राज्य में नेशनल हाईवे जाम करने का ऐलान किया है। बड़वानी से मुरैना तक हर जिले में इस प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने किसानों के मुद्दों, सरकार की कार्यप्रणाली और अन्य मामलों को लेकर तीखा हमला बोला, जिससे प्रदेश की सियासत और गर्म हो गई है।
7 अप्रैल को हाईवे जाम का ऐलान
कांग्रेस ने 7 अप्रैल को राज्यभर में नेशनल हाईवे जाम करने की घोषणा की है। यह आंदोलन बड़वानी से मुरैना तक फैलेगा, जहां हर जिले में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। इसका उद्देश्य किसानों और आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना बताया गया है।
किसानों के मुद्दे पर सरकार घिरी
जीतू पटवारी ने कहा कि मंडियों में गेहूं और धान कम कीमत पर बिक रहे हैं, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को उचित मूल्य का अंतर दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
सरकार पर ‘कोलेप्स’ का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पटवारी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में शासन व्यवस्था कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना में मंत्रियों की जवाबदेही तय नहीं हो रही है और हालात ऐसे हैं कि केंद्र को हस्तक्षेप करना चाहिए।
एग्जिट पोल को लेकर बड़ा दावा
पटवारी ने दावा किया कि यदि वर्तमान स्थिति में एग्जिट पोल कराया जाए तो सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि परिणाम 90-10 के अनुपात में सरकार के खिलाफ जा सकते हैं, जो जनता की नाराजगी को दर्शाता है।
न्याय व्यवस्था और नेतृत्व पर टिप्पणी
उन्होंने कुछ मामलों में जमानत को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज में न्यायिक प्रक्रिया को लेकर धारणा प्रभावित हो रही है। साथ ही, दिग्विजय सिंह के बयान पर उन्होंने कहा कि यह उनकी सराहना है और एक गुरु के रूप में उनका समर्थन प्रेरणादायक है।