मध्यप्रदेश के अशोकनगर में कांग्रेस द्वारा आयोजित न्याय सत्याग्रह के दौरान प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी समेत कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा भी कर दिया गया। इस आंदोलन के जरिए कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। इस मंच से भाजपा सरकार को जमकर घेरा गया।
मंच से गिरफ्तारी की घोषणा और तत्काल रिहाई
कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी विवेक शर्मा ने मंच से सभी नेताओं की गिरफ्तारी की घोषणा की। इसमें जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, हरीश चौधरी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे। लेकिन कुछ ही क्षणों बाद एसडीएम बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव ने सभी को रिहा करने की घोषणा की। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
दिग्विजय सिंह का हमला: “ऐसी पुलिस नहीं देखी”
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने कहा कि पुलिस इतनी डरी हुई है कि आठ जिलों की फोर्स बुला ली गई। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी पर जो मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें कोई शिकायतकर्ता तक नहीं है। यह सरासर राजनीतिक दबाव में किया गया कार्य है।
नकली बीज और किसान घोटाले के आरोप
कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने शिवराज सरकार पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए नकली बीज घोटाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों-करोड़ का घोटाला कर किसानों को बर्बाद किया गया। यह सत्याग्रह सिर्फ दो नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में अन्याय के खिलाफ आवाज है।
कांग्रेस की चेतावनी: अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी
हरीश चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की सोच है कि जहां भी अन्याय होगा, कांग्रेस वहां खड़ी मिलेगी। जीतू पटवारी और गजराज लोधी जैसे नेताओं के साथ अन्याय हुआ है और कांग्रेस उनकी लड़ाई मजबूती से लड़ेगी।